उत्तराखंड (देहरादून) 26 जनवरी 2026: दिल्ली पब्लिक स्कूल, में भारत का 77वाँ गणतंत्र दिवस गरिमामय उत्साह और देशभक्ति की भावना के साथ मनाया गया। इस वर्ष का आयोजन ‘वंदे मातरम्’ की 150वीं वर्षगांठ की प्रेरक थीम पर केंद्रित था, जो उस अमर गीत को सशक्त श्रद्धांजलि था जिसने अपनी रचना से अब तक अनगिनत हृदयों में राष्ट्रभक्ति की चेतना जागृत की है।
कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रीय ध्वज के विधिवत ध्वजारोहण से हुआ, जो राष्ट्र की संप्रभुता और एकता का प्रतीक है। इसके पश्चात राष्ट्रीय गान की गूंजती स्वर-लहरियों ने समूचे वातावरण को गौरव और सम्मान से भर दिया।
सांगीतिक सौंदर्य को बढ़ाते हुए विद्यालय की गायन मंडली ने भावपूर्ण देशभक्ति गीत प्रस्तुत किया, जिसमें समर्पण, बलिदान और एकता की भावना सजीव हो उठी। कार्यक्रम को भाव-प्रधान नृत्य प्रस्तुतियों तथा शांत एवं अनुशासित योग प्रदर्शन ने और भी समृद्ध किया, जो भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत तथा संतुलन, अनुशासन और आंतरिक शक्ति जैसे मूल्यों को प्रतिबिंबित करता है।
इस अवसर पर श्री श्यामधन नौटियाल, विभागाध्यक्ष (हिंदी) ने गणतंत्र दिवस पर एक सारगर्भित संबोधन दिया, जिसमें राष्ट्र की आत्मा, उसके मूल्यों और नागरिक कर्तव्यों का सुंदर निरूपण किया गया।
छात्रों द्वारा प्रस्तुत एक मार्मिक अभिनय ने वंदे मातरम् में निहित मूल मूल्यों को सजीव रूप में प्रस्तुत किया।
विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री बी. के. सिंह का उद्बोधन कार्यक्रम का बौद्धिक और नैतिक आधार रहा। उन्होंने देशभक्ति, संवैधानिक मूल्यों और नैतिक उत्तरदायित्व के महत्व पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे विचार और कर्म—दोनों में—राष्ट्र के आदर्शों को आत्मसात करने वाले जागरूक नागरिक बनें।
कार्यक्रम का समापन विद्यार्थियों एवं स्टाफ के बीच मिठाइयों के वितरण के साथ हर्षोल्लासपूर्ण वातावरण में हुआ।
