उत्तराखंड (देहरादून) 4 फरवरी 2026: पति की आकस्मिक मृत्यु, तीन बच्चों की जिम्मेदारी और बैंक ऋण के बोझ से जूझ रही देहरादून की शांति राणा के जीवन में प्रशासन ने नई उम्मीद जगाई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर मिली त्वरित मदद ने इस परिवार को गहरी आर्थिक संकट से उबार लिया।
उमेदपुर प्रेमनगर की शांति राणा का जीवन पिछले वर्ष उस समय बिखर गया जब उनके पति मनबहादुर की सड़क दुर्घटना में मृत्यु हो गई। परिवार की आजीविका के लिए उन्होंने ई-रिक्शा खरीदने के लिए 3,72,600 रुपये का ऋण लिया था। पति की मौत के बाद न तो आय का सहारा बचा और न बैंक किश्तें भरने की क्षमता। 12 वर्षीय अंशिका, पांच वर्षीय अक्षय और एक किशोर पुत्र की परवरिश शांति राणा के लिए भारी बोझ बन गई। जनता दर्शन के दौरान जब शांति ने यह पीड़ा जिलाधिकारी सविन बंसल को बताई। प्रशासन ने समग्र राहत प्रदान करने का निर्णय लिया। सीएसआर फंड से चार लाख रुपये उनके बैंक खाते में हस्तांतरित कर पूरा ऋण समाप्त करा दिया गया। बेटी अंशिका की शिक्षा बाधित न हो, इसके लिए कक्षा 12 तक की 1.62 लाख रुपये की फीस एकमुश्त स्कूल खाते में जमा कराई गई।
