उत्तराखंड (देहरादून) 20 जनवरी 2026: मुख्यमंत्री की प्राथमिक शिकायत निवारण व्यवस्था सीएम हेल्पलाइन को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी सविन बंसल ने अफसरों को दो टूक शब्दों में कहा कि सीएम हेल्पलाइन पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। यह व्यवस्था सिर्फ पोर्टल पर आंकड़े सुधारने के लिए नहीं, बल्कि आमजन को समय पर न्याय दिलाने का माध्यम है, जिसे हर स्तर पर गंभीरता से लिया जाए।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने विभागवार लंबित मामलों की गहन समीक्षा की। कई प्रकरणों में अनावश्यक देरी और औपचारिक निस्तारण पर नाराज़गी जताते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि सिर्फ ‘निस्तारित’ दिखाना पर्याप्त नहीं है। जब तक शिकायतकर्ता वास्तव में संतुष्ट न हो। जिलाधिकारी ने अफसरों को निर्देश दिए कि शिकायतों को महज फाइल या नंबर समझकर न देखा जाए, बल्कि उसके पीछे खड़े व्यक्ति की समस्या को समझा जाए।
लापरवाही पर तय होगी जिम्मेदारी
जिलाधिकारी ने चेतावनी दी कि किसी भी विभाग में सीएम हेल्पलाइन के मामले लंबित पाए गए या बिना ठोस समाधान के बंद किए गए, तो संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी। इस व्यवस्था में ढिलाई का सीधा मतलब जनता के भरोसे से खिलवाड़ है। बैठक में यह भी निर्देश दिए गए कि निस्तारण के बाद सीएम हेल्पलाइन पोर्टल पर अपलोड की जाने वाली आख्या संतुष्टि आधारित और तथ्यपरक हो।
