उत्तराखंड (देहरादून) 30 मार्च 2026: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून सोमवार सुबह एक दर्दनाक और चौंकाने वाली वारदात से दहल उठी। महज ओवरटेकिंग को लेकर शुरू हुआ विवाद कुछ ही मिनटों में इतना हिंसक हो गया कि एक निर्दोष व्यक्ति को अपनी जान गंवानी पड़ी। इस घटना ने सड़क पर बढ़ती आक्रामकता और कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जानकारी के मुताबिक मसूरी रोड के मालसी क्षेत्र में जोहड़ी गांव के पास यह घटना सुबह करीब 6:50 बजे हुई। रोज की तरह मॉर्निंग वॉक पर निकले 70 वर्षीय रिटायर्ड ब्रिगेडियर मुकेश जोशी को क्या पता था कि यह सैर उनकी जिंदगी की आखिरी साबित होगी। सड़क किनारे शांत माहौल में टहल रहे जोशी अचानक गोलियों की चपेट में आ गए।
प्रारंभिक जांच के मुताबिक, एक दिल्ली नंबर की फॉर्च्यूनर और एक स्कॉर्पियो के बीच रास्ता देने को लेकर कहासुनी हुई। कुछ ही देर में यह बहस पीछा करने और फिर गोलीबारी तक पहुंच गई। आरोप है कि स्कॉर्पियो सवार लोगों ने फॉर्च्यूनर को रोकने के इरादे से उसके टायरों पर गोलियां चलाईं। इसी दौरान चली एक गोली सड़क किनारे टहल रहे ब्रिगेडियर मुकेश जोशी को जा लगी। घायल अवस्था में उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके।
घटना के दौरान फॉर्च्यूनर कार अनियंत्रित होकर राजकीय प्राथमिक विद्यालय के पास एक पेड़ से टकरा गई। इसके बाद भी हमलावर नहीं रुके और कार सवार लोगों के साथ मारपीट कर वाहन को नुकसान पहुंचाया। इस हमले में दो अन्य लोग घायल हुए हैं, जिनका इलाज चल रहा है।
फायरिंग और मारपीट की इस घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। पुलिस ने तुरंत पूरे जिले में नाकेबंदी कर दी है और संदिग्ध वाहनों की चेकिंग तेज कर दी गई है। साथ ही आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, ताकि आरोपियों की पहचान कर जल्द गिरफ्तारी सुनिश्चित की जा सके।
देहरादून के एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल ने घटना को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि पुलिस टीम मौके पर पहुंचकर जांच में जुट गई है। घायलों और प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ की जा रही है और आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई है।
एक मामूली सड़क विवाद में देश ने एक रिटायर्ड सैन्य अधिकारी को खो दिया। इस घटना के बाद जहां ब्रिगेडियर जोशी के परिवार में मातम पसरा है, वहीं स्थानीय लोगों में भी भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। लोगों का कहना है कि सड़क पर इस तरह की गुंडागर्दी अब जानलेवा रूप ले चुकी है और इस पर सख्त कार्रवाई की जरूरत है।
