उत्तराखंड (पौड़ी) 29 मार्च 2026: पहाड़ों की कठिनाइयों के बीच पले-बढ़े युवाओं ने एक बार फिर साबित कर दिया कि सफलता संसाधनों की मोहताज नहीं होती।
ऐसे ही दो छात्रों ने सीमित संसाधनों व कड़ी मेहनत के बूते मेधावियों की सूची में न सिर्फ अपनी जगह बनाई बल्कि स्वर्ण और रजत पदक भी हासिल किया है। बीएससी एग्रीकल्चर में स्वर्ण पदक विजेता प्रदीप कुमार ने इसी मेहनत के बूते बीएससी एग्रीकल्चर में स्वर्ण पदक प्राप्त किया और वे टॉपर सूची में शामिल नौ मेधावियों में इकलौते छात्र रहे। हिमाचल के सिरमौर निवासी प्रदीप के पिता सुंदर सिंह किसान हैं। माता उमा देवी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता हैं।
हिंदी माध्यम से पढ़ाई करने वाले प्रदीप के लिए अंग्रेजी बड़ी बाधा थी, लेकिन कमजोरी नहीं बनने दिया। उनका सपना कृषि अनुसंधान सेवा में वैज्ञानिक बनना है। चमोली जिले के रैतोली गांव की इशिता नेगी ने बीएससी हॉर्टिकल्चर में रजत पदक प्राप्त किया। इशिता के पिता गुरुवेंद्र नेगी पत्रकार हैं जबकि माता रेखा प्राइवेट शिक्षिका हैं। इशिता बताती हैं कि सीमित संसाधनों को दरकिनार कर उन्होंने समयबद्ध पठन पाठन को महत्व दिया।
