उत्तराखंड (देहरादून) 19 मार्च 2026: थाना प्रेमनगर क्षेत्र में मिले अज्ञात महिला के शव की गुत्थी को दून पुलिस ने सुलझाते हुए एक चौंकाने वाला खुलासा किया है। करीब एक हफ्ते तक चली गहन जांच के बाद पुलिस ने साबित कर दिया कि महिला की हत्या किसी और ने नहीं बल्कि उसके पहले पति ने ही की थी।
मांडूवाला के जंगलों में कट्टे में बंद मिला महिला का शव शुरू में पुलिस के लिए पूरी तरह “ब्लाइंड केस” था। शव की हालत इतनी खराब थी कि पहचान करना भी मुश्किल हो गया था। लेकिन एसएसपी देहरादून के नेतृत्व में गठित 8 टीमों ने इस जटिल केस को सुलझाने में दिन-रात एक कर दिया। 5000 लोगों का सत्यापन, 30 बस्तियों में खंगाली जानकारी महिला की पहचान के लिए पुलिस ने 30 से अधिक झुग्गी-बस्तियों में अभियान चलाकर करीब 5000 लोगों का सत्यापन किया। सोशल मीडिया और पम्पलेट के जरिए भी पहचान के प्रयास किए गए, लेकिन सफलता नहीं मिली।
आखिरकार कॉसवाली कोठरी क्षेत्र से मिले एक अहम इनपुट ने केस की दिशा बदल दी। पुलिस को पता चला कि एक मजदूर की पत्नी अचानक गायब है, जबकि बच्चा उसके साथ दिख रहा है। जब पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की, तो आरोपी रंजीत शर्मा टूट गया और उसने हत्या की पूरी कहानी कबूल कर ली।
पूछताछ में सामने आया कि मृतका रूपा, जो आरोपी की पहली पत्नी थी, 4 साल पहले उसे छोड़कर चली गई थी। बाद में आरोपी ने दूसरी शादी कर ली। लेकिन एक साल पहले रूपा फिर उसके संपर्क में आई और एक माह पहले अपनी 11 महीने की बच्ची के साथ देहरादून आ गई। रूपा लगातार आरोपी पर दूसरी पत्नी को छोड़ने का दबाव बना रही थी। इसी तनाव के चलते 5 मार्च की रात दोनों के बीच विवाद हुआ और आरोपी ने गला दबाकर उसकी हत्या कर दी।
हत्या के बाद आरोपी ने शव को कट्टे में बंद कर 4 दिन तक कमरे में छिपाए रखा। बाद में मौका मिलते ही शव को मोटरसाइकिल से मांडूवाला के जंगल में फेंक दिया, ताकि पहचान न हो सके।
इस मामले में खास बात यह रही कि महिला की पहचान न होने पर पुलिस खुद वादी बनी और लगातार प्रयासों से न सिर्फ शव की शिनाख्त की बल्कि आरोपी को गिरफ्तार कर न्याय दिलाया।
इस जटिल केस का खुलासा करने वाली टीम को आईजी गढ़वाल द्वारा ₹5000 और एसएसपी देहरादून द्वारा ₹2500 के नकद इनाम की घोषणा की गई है।
