उत्तराखंड (उत्तरकाशी) 19 मार्च 2026: पुलिस अधीक्षक कमलेश उपाध्याय के सशक्त निर्देशन में चल रहे ‘धरपकड़ अभियान’ में कोतवाली बड़कोट पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। 16 वर्षों से फरार मफरूर प्रताप विश्वास को मध्य प्रदेश के शहडोल जिले से गिरफ्तार कर लिया गया। मई 2010 में थाना बड़कोट में नाबालिग के अपहरण (धारा 363, 366 IPC) का मामला दर्ज हुआ था। पीड़िता बरामद होने के बाद उसके बयान पर दुष्कर्म की धारा 376 भी जोड़ी गई। आरोपी प्रताप विश्वास 2010 से ही फरार था, बार-बार लोकेशन बदलकर पुलिस से बचता रहा। सितंबर 2010 में चार्जशीट दाखिल होने के बाद मार्च 2011 में उसे मफरूर घोषित कर दिया गया था। एसपी कमलेश उपाध्याय ने इस शातिर अपराधी की गिरफ्तारी के लिए सीओ जनक सिंह पंवार के पर्यवेक्षण, प्रभारी निरीक्षक सुभाष चंद्र की देखरेख और SI भूपेंद्र रावत के नेतृत्व में स्पेशल टीम गठित की। टीम ने पतारसी-सुरागरसी और सर्विलांस की मदद से अथक मेहनत की। आखिरकार 12 मार्च 2026 को ग्राम चित्रांव, जयसिंह नगर, जिला शहडोल (मध्य प्रदेश) से उसे गिरफ्तार किया गया।
वहां वह एक प्राइवेट क्लिनिक चला रहा था। स्थानीय न्यायालय में पेश कर ट्रांजिट रिमांड पर लिया गया और शनिवार को उत्तरकाशी न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया।
एसपी कमलेश उपाध्याय ने गिरफ्तारी में सफल टीम की सराहना करते हुए 5000 रुपये का पुरस्कार देकर उत्साहवर्धन किया।
