उत्तराखंड (देहरादून) 04 मार्च 2026: देहरादून की सड़कों पर काल बनकर दौड़ रहे खनन डंपरों और भारी वाहनों की ओर आकर्षित करना चाहता हूँ। देहरादून के बाहरी इलाकों मोहब्बेवाला, आशारोड़ी, सहस्रधारा रोड और रायपुर में इन भारी वाहनों की रफ्तार डराने वाली है। रविवार रात शेरकी में एक मासूम किशोर को डंपर द्वारा कुचले जाने की घटना ने मानवता को झकझोर कर रख दिया है। विडंबना यह है कि ‘नो एंट्री’ जोन होने के बावजूद सुबह के व्यस्त समय में चूना भट्ठा और सहस्रधारा क्रॉसिंग जैसे क्षेत्रों में बड़े ट्रक बेधड़क गुजर रहे हैं। पुलिस चौकियों के सामने से प्रतिबंधित समय में इन वाहनों का निकलना प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। खनन डंपरों के बीच अधिक चक्कर लगाने की होड़ ने शहर की सड़कों को ‘रेसिंग ट्रैक’ बना दिया है। ओवरस्पीडिंग और ब्रेक फेल होने के बहाने आए दिन मासूमों की जान ली जा रही है। कई घायल तो पूरी उम्र के लिए अपाहिज हो रहे हैं। सामाजिक कार्यकर्ताओं द्वारा स्पीड ब्रेकर की जगह गिट्टियां लगाने या सेल टैक्स चेक पोस्ट पर सख्त बैरियर लगाने जैसे सुझाव दिए गए हैं, लेकिन धरातल पर कोई ठोस कार्रवाई नजर नहीं आती। मेरा प्रशासन और यातायात पुलिस से अनुरोध है कि ‘नो एंट्री’ के नियमों का सख्ती से पालन कराया जाए और उल्लंघन करने वालों के परमिट निरस्त किए जाएं।
