उत्तराखंड (देहरादून) 15 फरवरी 2026: शहर की डेयरियों से निकलने वाला गोबर अब नालियों में नहीं, बल्कि शंकरपुर स्थित गोसदन में पहुंचेगा। नगर निगम ने डेयरियों से गोबर उठान की प्रक्रिया शुरू कर दी है। जहां मशीनों के जरिये इससे जैविक खाद तैयार की जाएगी। महापौर सौरभ थपलियाल और नगर आयुक्त नमामी बंसल ने बताया कि शहर में प्रतिदिन बड़ी मात्रा में गोबर उत्पन्न होता है। कई डेयरी संचालकों से बातों के बाद निगम ने गोबर संग्रहण और परिवहन की व्यवस्था लागू कर दी है। पूर्व में शहर में नालियों में गोबर बहाने की शिकायतें आ रही थीं। जिस पर निगम ने पांच लाख रुपये तक जुर्माना लगाने की चेतावनी दी है और अब यह गोबर शंकरपुर गोसदन में गोबर भेजा जा रहा है, जहां इससे खाद तैयार कर अन्य उपयोग में लाया जाएगा। महापौर ने कहा कि यह पहल न केवल स्वच्छता व्यवस्था सुधारने में सहायक होगी, बल्कि निगम के लिए आप का नया स्रोत भी बनेगी। शहर में कई डेयरियों द्वारा गोबर नालियों में बहाए जाने से नाले चोक ही रहे थे और गंदगी फैल रही थी। इसके चलते नगर निगम प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। अब नालियों में गोबर बहाने पर न्यूनतम पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। यदि कोई डेयरी संचालक बार-बार नियमों का उल्लंघन करता है, तो उस पर पांच लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डा. वरुग्ण अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि डेयरियों से होने वाली गंदगी पर सख्ती से शिकंजा कसा जा रहा है।
