जमीन पर कब्जे के लिए कराया दुष्कर्म का केस
उत्तराखंड (देहरादून) 12 फरवरी 2026: दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग के आरोपों से घिरे कारोबारी को अदालत ने मंगलवार को बरी कर दिया है। अदालत ने पाया कि संपत्ति और पैसे के लिए कारोबारी को झूठे जाल में फंसाया गया था।
पोक्सो कोर्ट की जज रजनी शुक्ला की अदालत ने मंगलवार को एक मामले में फैसला सुनाते हुए आरोपी मो. आरिफ जमाल को दोषमुक्त करार दिया। नेहरू कॉलोनी थाने में 2020 में दर्ज मुकदमे में पीड़िता ने आरोप लगाया था कि उसके बॉस आरिफ ने उसे नशीला पदार्थ
खिलाकर वीडियो बनाए और ब्लैकमेल कर एक रिसॉर्ट में दुष्कर्म किया। बचाव पक्ष की ओर से पीड़िता के मंगेतर अनिल शर्मा ने कोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा किया। उसने बताया कि पीड़िता ने उसे भी धमकी दी थी कि अगर उसने शादी से मना किया या तोहफे वापस मांगे तो वह उसे भी रेप केस में फंसा देगी। बचाव पक्ष ने घटना वाले दिन के बिल और वाउचर पेश किए। जिनसे साबित हुआ कि जिस वक्त पीड़िता ने खुद को रिसॉर्ट में बताया, उस वक्त वह दुकान पर काम कर रही थी।
