उत्तराखंड (देहरादून) 27 अक्टूबर 2025: विभिन्न विभागों में उपनल के माध्यम से कार्यरत लगभग 22 हजार कर्मचारियों ने 10 नवंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल का एलान किया है। देहरादून जिला कार्यकारिणी ने रविवार को वर्चुअल बैठक के माध्यम से कर्मचारियों के साथ आंदोलन की अंतिम रणनीति तय की गई।
जिलाध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि मुख्यमंत्री उपनल कर्मचारियों के नियमितीकरण की घोषणा कर चुके हैं, लेकिन शासन स्तर पर नौकरशाह इसके विपरीत कार्य कर रहे हैं। सरकार का मंतव्य स्पष्ट नहीं है और कर्मचारियों के भविष्य को अनिश्चितता में रखा जा रहा है। कार्यकारी अध्यक्ष अजय देव ने कर्मचारियों से कहा कि एकजुट होकर नियमितीकरण की लड़ाई में योगदान दें। उन्होंने कहा कि यह केवल नौकरी नहीं बल्कि कर्मचारियों के सम्मान और भविष्य की लड़ाई है। जिला महामंत्री रमेश डोभाल ने बताया कि 25 मार्च 2025 को मुख्यमंत्री ने उपनल कर्मचारियों के नियमितीकरण की घोषणा की थी। सात महीने बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। डोभाल ने चेताया कि यदि समय रहते कर्मचारियों को नियमित नहीं किया गया तो आंदोलन का मार्ग अपनाना पड़ेगा।
जिला उपाध्यक्ष जयंती सिंह ने कहा कि लगभग 17 वर्षों से विभिन्न विभागों जैसे स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा, ऊर्जा, वन आदि में कार्यरत महिलाएं निष्ठा और समर्पण के साथ सेवाएं दे रही हैं। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने 25 अक्टूबर 2024 को उपनल कर्मचारियों के पक्ष में एतिहासिक फैसला दिया है। लेकिन सरकार और प्रशासन की देरी के कारण अनिश्चितकालीन हड़ताल को मजबूर हैं। आयुर्वेद विश्वविद्यालय विभाग अध्यक्ष सागर ध्यानी ने कहा कि कर्मचारी 16-17 वर्षों से लगातार कार्यरत हैं।
