उत्तराखंड (देहरादून) 5 जुलाई 2025: अवस्थापना पुनर्वास खण्ड ऋषिकेश का एक अजब कारनामा सामने आया हैं। विभाग ने 2007 में अपनी भूमि बेचने वाले व्यक्ति के नाम पर ही बिना जांच पड़ताल के 2019 में फिर भूमि दर्ज करा दी। इतना ही नहीं 2020 में व्यक्ति ने वहीं जमीन किसी अन्य को बेच दी। जून माह के द्वितीय जनता दर्शन में भूमि फर्जीवाड़े की शिकार पुलमा देवी प्रकरण पर जांच के बाद यह खुलासा हुआ।
डीएम जांच में खुलासा हुआ कि प्रश्नगत प्रकरण पर भूमि का वाद सिविल जज (जू०डि०) विकासनगर देहशूदन में पुलमा देवी बनाम जतिन गोयल पुत्र राजरानी विचाराधीन है। अधिशासी अभियंता अनुसंधान एवं नियोजन खण्ड ऋषिकेश की ओर से चन्दरू पुत्र अमरू को ग्राम फुलसनी में खसरा नबंर 399 च.मि. में 200 वर्गमीटर भूखण्ड ग्रामीण पुनर्वास ऋषिकेश ने मार्च 2007 में आवासीय भूखण्ड संख्या 44, 200 वर्ग मीटर आंवटित कर अपैल 2007 में कब्जा दिया गया था। वरिष्ठ प्रबंधक (पुनर्वास) टिहरी बांध परियोजना केदारपुर देहरादून की ओर से अपने पत्र में बताया कि चन्दरू ग्राम बन्द्राकोटी ने विभाग को गुमराह करते हुए वास्तविक तथ्य छिपाते हुए उक्त भूखण्ड पर भूमिधरी दिए जाने के लिए पुनः प्रत्यावेदन किया गया, जिसके फलस्वरूप उप राजस्व अधिकारी अवस्थापना (पुनर्वास) खण्ड ऋषिकेश ने अपने पत्र 2019 को भूमिधरी प्रकरण तहसील विकासनगर देहरादून को प्रेषित किया गया था तथा भूमिाधरी पुनः अंकित की गई। जिस पर डीएम ने अधीक्षण अभियंता (टिहरी बांध पुनर्वास) का वाहन जब्त कर विवरण सहित प्रस्तुत होने के निर्देश दिए है। साथ ही संबंधित को एसआईटी जांच में संस्तुति की चेतावनी दी। डीएम ने प्रकरण की विस्तृत अग्रेतर क्रिमिनल प्रोसेडिंग के लिए जांच उप जिलाधिकारी मुख्यालय अपूर्वा को सौंपी है।
