उत्तराखंड (देहरादून) 26 जून 2025: उत्तराखंड क्रांति दल का एक प्रतिनिधिमंडल बुधवार को जिलाधिकारी से मिला और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन प्रेषित किया। जिसमें कहा कि बिंदाल व रिस्पना नदी के ऊपर एलिवेटेड रोड का निर्माण प्रस्तावित है। जिसके लिए इन नदियों के किनारे बसी बस्तियों को हटाया जाना है। लेकिन इस संबंध में अभी तक मलिन बस्तियों को हटाए जाने और उनके पुनर्वास की कोई ठोस योजना सरकार द्वारा धरातल पर नहीं लाई गई है।
कहा कि प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने अपने बयान में कहा है कि केवल वर्ष 2016 से पहले से बसे लोगों का ही पुनर्वास कराया जाएगा। पर अभी तक देहरादून में स्थित मलिन बस्ती में रहने वाली आबादी को यह जानकारी नहीं है कि इस योजना के अंतर्गत कितने परिवारों का चिन्हीकरण किया गया है जिनका पुनर्वास किया जाना है। रिस्पना व बिंदाल नदी के किनारे वाली बस्ती से हटाए जाने वाले लोगों को किस स्थान पर बसाया जाना है। उनको मकान बना कर दिए जाएंगे अथवा भूमि आवंटित की जाएगी या फिर मुआवजा दिया जाएगा, यह कुछ भी स्पष्ट नहीं है। कहा कि मलिन बस्तियों में रहने वाले लोगों में भय का माहौल है। क्योंकि पूर्व में कुछ कथित नेताओं ने अपने वोट बैंक के लिए इन गरीब लोगों को नदी किनारे बसा दिया था, जिसके बाद इन्हें मझधार में छोड़ दिया गया है।
उन्होंने मांग की है कि मलिन बस्तियों को हटाए जाने संबंधी संवेदनशील विषय पर चर्चा के लिए सर्वदलीय बैठक बुलाई जाए। यदि सरकार के पास कोई स्पष्ट योजना इस संदर्भमें तो उसका श्वेत पत्र जारी किया जाए। प्रतिनिधिमंडल में महानगर अध्यक्ष बिजेन्द्र रावत, जयप्रकाश उपाध्याय, किरण रावत, प्रमिला रावत, बृजमोहन सजवाण, अनूप बिष्ट, मंजू कलूड़ा, प्रभात डंडेरियाल, मनीष रावत, बलदेव आदि शामिल रहे।
