उत्तराखंड (देहरादून) 9 मई 2025: जिलाधिकारी ने प्रेमनगर के पेट्रोल पंप पर ताला डाल दिया है। फर्जीवाड़ा साबित होने पर लाइसेंस निरस्त करते हुए जमीन को सरकार में निहित कर दिया है। रातो रात उठाये गये इस कदम को लेकर शहर में चर्चा है। इस मामले की शिकायत जनता दरबार में की गई थी।
जिलाधिकारी सविन बसंल के सख्त एक्शन निरंतर जारी है। जिला प्रशासन ने बड़ा एक्शन लेते हुए फर्जी दस्तावेज के आधार पर कब्जाई गई जमीन पर चल रहे पेट्रोल पंप को बंद कर दिया। पट्रोल पम्प का लाईसेंस निरस्त करते हुए ताला जड़ दिया।
प्रेमनगर ठाकुरपुर आरकेडिया ग्रांट में फर्जी विक्रय पत्रों से विक्रीत भूमि पर बने पेट्रोल पम्प का लाईसेंस निरस्त करते हुए भूमि को सरकार में निहित कर दिया है। जिला प्रशासन की जांच में सामने आया कि उक्त भूमि जो पाकिस्तान से आए शरणार्थियों के लिए आवंटित की गई थी। प्रेमनगर के लोगों ने संयुक्त शिकायती पत्र में डीएम को देकर । बताया था कि सरकारी भूमि पर फर्जी विक्रीत पत्र के माध्यम से भूमि पर पट्रोल पम्प संचालित किया जा रहा है। जिलापूर्ति अधिकारी, उप जिलाधिकारी सदर की संयुक्त जांच में पाया गया कि उक्त स्थल पर संचालित पेट्रोल पम्प खसरा नंबर-192 में संचालित है, जबकि पेट्रोल पम्प जिस व्यक्ति चरणजीत भाटिया पुत्र केशर सिंह भाटिया का फर्जी कूटरचित विक्रय पत्र खसरा नंबर-191 का है और वर्तमान में उक्त भूमि अपने पुत्र गगन भाटिया को उपहार में दे दी गयी है। प्रस्तुत संयुक्त जांच आख्या और न्यायालय अपर जिलाधिकारी (प्रशा) देहरादून द्वारा पारित आदेश के बाद जिलाधिकारी देहरादून ने उप प्रबंधक, इण्डियन आयल कारपोरेशन लिमिटेड निम्बूवाला गढ़ी कैन्ट को जारी अनापत्ति प्रमाण पत्र को निरस्त कर दिया गया है।
