उत्तराखंड (हरिद्वार) 16 नवंबर 2024: कार्तिकि पूर्णिमा पर देश भर से आए श्रद्धालुओं ने हरकी पैड़ी सहित विभिन्न घाटों पर गंगा स्नान किया और परिवार के लिए मंगल कामना की। स्नान को सकुशल संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन की और से मेला क्षेत्र को 9 जोन और 33 सेक्टरों में विभाजित कर सुरक्षाऔर यातायात संचालन के लिए व्यापाक इंतजाम किए गए थे।
वर्ष के अंतिम लक्खी स्नान पर्व कार्तिक पूर्णिमा पर गंगा स्नान का पुण्य अर्जित करने के लिए दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, उप्र, राजस्थान, मध्य प्रदेश आदि राज्यों से लाखों श्रद्धालु हरिद्वार पहुंचे। सवेरे ब्रह्म मुहूंत में शुरू हुआ गंगा स्नान का सिलसिला दिनभर चलता रहा। श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान के उपरांत सूर्य को अध्य दिया और दान पुण्य करने के साथ मंदिरों में देव दर्शनकर परिवार के लिए मंगल कामना की। शास्त्रों में कार्तिक पूर्णिमा स्नान का विशेष महत्व बताया गया है। पंडित जितेंद्र शास्त्री ने बताया कि कार्तिक पुर्णिमा पर गंगा स्नान करने से पूरे वर्ष गंगा स्नान का पुण्य फल प्राप्त होता है। गंगा स्नान कर पितरों को तर्पण देने से उन्हें मोक्ष की प्राप्ति होती है।
