उत्तराखंड (उत्तरकाशी) 18 फरवरी 2026: चिन्यालीसौड़ सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण चिन्यालीसौड़ हवाई अड्डे पर भारतीय वायुसेना ने एक बार अपना अभ्यास शुरु कर दिया है। मंगलवार को यहां 12 दिवसीय अभ्यास के क्रम में वायुसेना के दो एएलएच (एडवांस लाइट हेलीकाप्टर) और दो एमआइ 17 हेलीकाप्टर पहुंचे, जिनके द्वारा लैंडिंग व टेक आफ का अभ्यास किया गया। दरअसल, भारत-चीन सीमा से निकटता के चलते चिन्यालीसौड़ हवाई अड्डा भारतीय वायुसेना के लिए महत्वपूर्ण है। इसी कारण वायुसेना समय-समय पर यहां अपने विमानों व हेलीकाप्टरों की लैंडिंग व टेकआफ का अभ्यास करती रहती है। इसी माह फरवरी प्रथम सप्ताह में भी वायुसेना ने यहां अपने बहुउद्देशीय परिवहन विमान एएन-32 से लैंडिंग व टेकआफ का अभ्यास किया था। सैन्य सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार अब वायुसेना यहां 12 दिवसीय अभ्यास करने जा रही है, जिसके क्रम में आगरा एयरबेस से वायुसेना के दो एएलएच और दो एमआई 17 हेलीकाप्टर चिन्यालीसौड़ हवाई अड्डे पर पहुंचे। बताया जा रहा है कि यह हेलीकाप्टर पहले गौचर चमोली पहुंचे और उसके बाद वहां से चिन्यालीसौड़ हवाई अड्डे पर उन्होंने लैंडिंग की। उल्लेखनीय है कि हाल में प्रदेश सरकार ने भी चिन्यालीसौड़ हवाई अड्डे को वायुसेना के सुपुर्द करने का निर्णय लिया है। प्रदेश सरकार के इस निर्णय के बाद यहां वायुसेना की चहलकदमी भी बढ़ती नजर आ रही है। बता दें कि वायुसेना चिन्यालीसौड़ हवाई अड्डे को अपना एडवांस लैंडिंग ग्राउंड बनाना चाहती है।
