उत्तराखंड (देहरादून) 4 अप्रैल 2026: जिले के नगरीय क्षेत्रों में बढ़ती आपराधिक घटनाओं और नशे से जुड़ी गतिविधियों को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी सविन बंसल ने कड़ा रुख अपनाया है। डीएम ने अधिकारियों की बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए कि जनपद में संचालित सभी होमस्टे, होटल, वेडिंग प्वाइंट्स और अन्य आवासीय-व्यावसायिक इकाइयों का व्यापक सत्यापन अभियान चलाया जाए।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी को निर्देशित किया गया कि विभिन्न विभागों की संयुक्त टीम गठित कर जिलेभर में संचालित होमस्टे और होटल प्रतिष्ठानों की सघन जांच कराई जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि यदि किसी भी होमस्टे, होटल या अन्य प्रतिष्ठान में नशे या अन्य अवैध गतिविधियों में संलिप्तता पाई जाती है तो उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
डीएम ने यह भी निर्देश दिए कि राज्य सरकार की होमस्टे गाइडलाइन के अनुरूप चेकलिस्ट तैयार कर निरीक्षण किया जाए और सभी मानकों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित कराया जाए।
जनपद में वर्तमान में कुल 1057 होमस्टे पंजीकृत हैं, जिनमें से करीब 350 नगरीय क्षेत्रों में संचालित हो रहे हैं। इन सभी की प्राथमिकता के आधार पर जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
इसके अलावा होमस्टे, होटल और वेडिंग प्वाइंट्स में ओकेजनल बार लाइसेंस जारी करने से पहले सभी मानकों की गहन जांच के निर्देश भी दिए गए हैं। बिना लाइसेंस या तय समय सीमा के बाद शराब परोसने की शिकायत मिलने पर संबंधित संपत्ति स्वामी, लीजधारक या किरायेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी ने आबकारी विभाग को भी निर्देशित किया कि बिना अनुमति शराब परोसने या नियमों के उल्लंघन की स्थिति में संबंधित के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर न्यूनतम 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाए और आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाए।
डीएम ने कहा कि जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी तरह की अवैध गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रशासन ने आम जनता से भी अपील की है कि कहीं भी अवैध गतिविधि या बिना लाइसेंस शराब परोसने की जानकारी मिले तो तुरंत प्रशासन को सूचित करें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, उप जिलाधिकारी सदर हरिगिरि, जिला पर्यटन विकास अधिकारी, जिला आबकारी अधिकारी समेत संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
