मुख्य आरोपी दिलीप सिंह बोहरा पहले ही जा चुका है जेल
उत्तराखंड (कोटद्वार) 12 मार्च 2026: कोटद्वार में करोड़ों रुपये की ठगी से जुड़े बोहरा ग्रामीण विकास निधि लिमिटेड मामले में पौड़ी पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने इस मामले में फरार चल रहे चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
मामले में वादिनी यास्मीन निवासी कोटद्वार द्वारा 05 सितंबर 2024 को कोतवाली कोटद्वार में शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायत में बताया गया कि सितंबर 2023 से सितंबर 2024 के बीच कंपनी के डायरेक्टर भीम सिंह के कहने पर उन्होंने कंपनी में एक वर्ष की अवधि के लिए खाता खुलवाकर प्रतिदिन 100 रुपये के हिसाब से कुल 36,500 रुपये जमा किए। अवधि पूरी होने के बाद भी कंपनी ने ब्याज सहित रकम वापस नहीं की और कार्यालय बंद कर दिया।
इस संबंध में कोतवाली कोटद्वार में मुकदमा अपराध संख्या 228/24, धारा 318(4) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सर्वेश पंवार के निर्देश पर गठित पुलिस टीम ने जांच के दौरान बैंक खातों और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर मुख्य आरोपी दिलीप सिंह बोहरा को 09 दिसंबर 2025 को देहरादून से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
पूछताछ में सामने आया कि दिलीप सिंह बोहरा ने अपने साथियों भीम सिंह, प्यारे राम, बलकरन, सुरेंद्र सिंह नेगी और सूरजमणि सेमवाल के साथ मिलकर “बोहरा ग्रामीण विकास निधि लिमिटेड” कंपनी के माध्यम से लोगों से आरडी और एफडी के नाम पर ज्यादा ब्याज का लालच देकर करोड़ों रुपये की ठगी की।
मामले में अन्य आरोपियों की संलिप्तता सामने आने पर विवेचना के दौरान धारा 3(5), 61(2), 336(3), 338, 340(2) बीएनएस तथा बड्स एक्ट की धाराएं भी बढ़ाई गईं।
अपर पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार ठाकुर और क्षेत्राधिकारी निहारिका सेमवाल के पर्यवेक्षण में प्रभारी निरीक्षक प्रदीप नेगी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने लगातार दबिश देकर फरार चार आरोपियों सूरजमणि सेमवाल, नरेश रावत, बलकरन और सुरेंद्र नेगी को ऋषिकेश और देहरादून से गिरफ्तार कर लिया। सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है।
