उत्तराखंड (देहरादून) 22 नवंबर 2025: कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने देहरादून के राष्ट्रीय दृष्टि दिव्यांगजन सशक्तिकरण संस्थान परिसर में एलिम्को के माध्यम से आयोजित दिव्यांगजनों को मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल (इलेक्ट्रिक) वितरण कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग किया। कार्यक्रम में पावर फाइनेंस कॉर्पोरेशन लिमिटेड (पीएफसी) की सीएसआर निधि से 169 दिव्यांगजनों को निशुल्क इलेक्ट्रिकमोटराइज्ड ट्राईसाइकिलें वितरित की गईं।
मंत्री जोशी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास के मंत्र को साकार करते हुए केंद्र सरकार समाज के अंतिम पंक्ति के वर्गों के सामाजिक, सांस्कृतिक एवं आर्थिक सशक्तिकरण के लिए अनेक केन्द्रीकृत योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन कर रही है। उन्होंने कहा कि देशभर में दिव्यांगजनों के लिए एक केन्द्रीयकृत डेटा बेस बनाने हेतु विशिष्ट दिव्यांगता पहचान पत्र परियोजना लागू की गई है, जो अब देश के सभी 785 जिलों में संचालित हो रही है।
कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने इस सराहनीय पहल के लिए पावर फाइनेंस कॉर्पोरेशन लिमिटेड के अधिकारियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि संस्था द्वारा अपने निगमित सामाजिक दायित्व के अंतर्गत लगभग 1 करोड़ रुपए की धनराशि इस उद्देश्य के लिए उपलब्ध कराई गई है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का आभार जताते हुए कहा कि विकलांग से दिव्यांग जैसे सम्मान जनक नाम प्रधानमंत्री मोदी ने दिया। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री के नेतृत्व में दिव्यांगजनों एवं वरिष्ठ नागरिकों के उत्थान हेतु निरंतर नई योजनाएं चलाई जा रही हैं, जिनका लक्ष्य उनके जीवन को अधिक सुलभ, सम्मानजनक और आत्मनिर्भर बनाना है।
उन्होंने कहा कि देशभर में प्रधानमंत्री दिव्याशा केंद्रों की स्थापना की जा रही है। उत्तराखण्ड में देहरादून, ऋषिकेश और हल्द्वानी में ऐसे तीन केंद्र पहले ही स्थापित हो चुके हैं। इसके अतिरिक्त भारतीय सांकेतिक भाषा को बढ़ावा देने के लिए दिल्ली में एक समर्पित संस्थान स्थापित किया गया है। उन्होंने कहा कि आईएसएल डिक्शनरी में 10,000 शब्द शामिल थे और अब इसमें 2,500 नए शब्द जोड़कर इसे 10 भाषाओं में विकसित किया जा रहा है, जिससे बधिरजनों को विशेष लाभ मिल रहा है।
दिव्यांगजनों को ट्राईसाइकिल वितरित करते हुए मंत्री जोशी ने कहा कि यह केवल एक वितरण कार्यक्रम नहीं, बल्कि दिव्यांगजनों के आत्मसम्मान, आत्मनिर्भरता और सशक्तिकरण की दिशा में उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम है। मोटराइज्ड ट्राईसाइकिलें उनकी गतिशीलता बढ़ाने के साथ-साथ जीवन में नए अवसरों के द्वार खोलेंगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयासरत है कि दिव्यांगजन शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका, परिवहन और सामाजिक सुरक्षा जैसी सभी सुविधाओं से बराबरी के साथ लाभान्वित हों।
कार्यक्रम में महाप्रबंधक पीएफसी दुर्गेश रंगेरा, जिला समाज कल्याण अधिकारी दीपांकर घिल्डियाल, वरिष्ठ प्रबंधक एलिम्को हरीश कुमार, एनआईवीएच आदर्श स्कूल के प्रधानाचार्य अमित शर्मा, अनिल सिंह सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
