उत्तराखंड (देहरादून) 2 नवंबर 2025: आचार्य सौरभ सागर महाराज ने कहा कि श्रद्धा है तो भगवान हैं, श्रद्धा नहीं तो केवल मूर्ति है। जब हमारी श्रद्धा मूर्ति में प्रविष्ट होती है, तभी वह भगवान बन जाते हैं।
शनिवार को गांधी रोड स्थित श्री दिगंबर जैन पंचायती मंदिर एवं जैन भवन में श्री मज्जिनेंद्र आदिनाथ जिनबिम्ब पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव में आचार्य सौरभ सागर महाराज ने प्रवचन दिए। उन्होंने कहा कि मनुष्य को अपने कल्याण के लिए श्रेष्ठ कर्मों पर ध्यान देना चाहिए। वहीं, तप कल्याणक के अवसर पर विभिन्न आध्यात्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम हुए। मुख्य संयोजक संदीप जैन ने बताया कि प्रातः 6:15 बजे श्री जिनाभिषेक एवं नित्यर्चन, सात बजे जिनेंद्र महार्चना (विधान) और आठ बजे आचार्य सौरभ सागर के सान्धिय में मंत्र ध्वनि हुई। इसके बाद आदिकुमार विवाह, राजा नाभिराय दरबार, आदिकुमार राज्याभिषेक, षट्कर्म उपदेश, न्याय उपदेश, वैराग्य दर्शन, तीर्थंकर दीक्षा विधि, वैराग्य उद्बोधन, अंक न्यास, तप कल्याणक पूजा व हवन किया गया। शाम सात बजे आरती महोत्सव और श्री शास्त्रसभा का आयोजन हुआ। रात आठ बजे भव्य संध्या में सुप्रसिद्ध भजन गायक दीपक व रूपक जैन ने आकर्षक प्रस्तुतियों से श्रद्धालुओं का मन मोह लिया।
