उत्तराखंड (देहरादून) 11 अक्टूबर 2025: गैरसैंण को उत्तराखंड की स्थाई राजधानी बनाने का मुद्दा फिर तूल पकड़ने लगा है। इस बार इस मुद्दे को लेकर पूर्व आईएएस अधिकारी विनोद प्रसाद रतूड़ी ने आंदोलन करने का ऐलान किया है। वह रविवार 12 अक्टूबर से देहरादून में बेमियादी धरना-प्रदर्शन करेंगे। इसके लिए स्थाई राजधानी गैरसैंण समिति का गठन भी किया गया है। इस बात की जानकारी समिति के पदाधिकारियों ने शुक्रवार को प्रेस क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता में दी है। पूर्व आईएएस अधिकारी रतूड़ी ने कहा कि राज्य गठन के 25 साल बाद भी स्थाई राजधानी घोषित नहीं होना चिंतनीय है। कहा कि गैरसैंण ही उपयुक्त स्थान है जहां पर प्रदेश की स्थाई राजधानी घोषित की जानी चाहिए। उनका आंदोलन भी इन्ही बिंदुओं पर सरकार का ध्यान आकर्षित करने के उद्देश्य से किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि रविवार को धरना सुबह 11 बजे से परेड ग्राउंड में शुरू होगा। धरने के बाद गैरसैंण के लिए मार्च भी निकाला जाएगा। जब तक गैरसैंण को राज्य की स्थाई राजधानी घोषित नहीं किया जाता है, तब *तक धरना-प्रदर्शन जारी रहेगा। उन्होंने आह्वान किया कि सभी नागरिक, सामाजिक कार्यकर्ता व राजनीतिक दल इस आंदोलन में शामिल करने में अपनी भागीदारी करें। बता दें कि इससे पहले पूर्व आईएएस अधिकारी श्री रतूड़ी ने बीती 21 सितंबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर भी धरना-प्रदर्शन कर गैरसैंण को प्रदेश की स्थाई राजधानी घोषित करने की मांग की थी। रतूड़ी की पहचान प्रखर प्रशासनिक अधिकारी की रही है। सेवा के दौरान साहसिक निर्णय लेने और भ्रष्टाचार के खिलाफ मुखर रहने के लिए भी उन्हें जाना जाता है। सेवा के दौरान उन्हें 50 से अधिक स्थानांतरणों का सामना भी करना पड़ा था। स्थाई राजधानी को लेकर उन्होंने कई बार सरकार से जानकारी और योजनाएं मांगी थी, लेकिन उनकी बात सुनी नहीं गई। आरटीआई में राजधानी गैरसैंण को लेकर उन्होंने जो जानकारी मांगी थी, उसे भी मुहैया नहीं कराया गया था। लिहाजा सेवा से रिटायर होने के बाद उन्होंने गैरसैंण स्थाई राजधानी के मुद्दे को लेकर आंदोलन का बिगुल फूंकने का निर्णय ले लिया है।
