उत्तराखंड (देहरादून) 19 जुलाई 2025: नाबालिग से दुराचार के मामले में आरोपित को दोषी पाते हुए न्यायालय विशेष न्यायाधीश (पोक्सो) व अपर जिला जज देहरादून अर्चना सागर की अदालत ने दोषी को दस साल की कठोर कैद की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर 25 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। घटना सितम्बर 2018 में पटेलनगर थाना क्षेत्र में प्रकाश में आई थी।
अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) अल्पना थापा ने अदालत को बताया कि शिकायतकर्ता ने पुलिस को शिकायत दी कि एक सितम्बर 2018 को उसकी नाबालिग बेटी ने बताया कि जसपाल निवासी चिन्यलि पोस्ट चोरिंग थाना देवाल चमोली गढ़वाल उसे आते जावे छेड़ता है। एक रोज जसपाल उसे धमकाकर अपनी कथित बहन के घर ले गया। जहां पर कोई नहीं था। यहां जसपाल ने उससे जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाए। आरोपित ने उसे धमकी दी कि यदि उसने इस बारे मे किसी को बताया तो वह उसके मोबाइल में लिए फोटो को व्हॉटसएप पर डाल देगा। शिकायत पर आंरोपित को गिरफ्तार कर लिया गया। अदालत में पीड़िता ने अपने बयान में बताया कि घटना से एक माह पहले फेसबुक के जरिए उसकी जान चान आरोपित से हुई थी। आरोपित ने उसे फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी थी। फिर व्हाट्अप पर भी उसकी बातचीत होती थी। आरोपित ने उससे… शादी करने की बात भी कही थी। गवाहों के बयानों के आधार पर आरोपित जसपाल को दोषी पाते हुए अदालत ने उसे दस साल के कठोर कासवास और 25 हजार रुपए के जुर्माना की सजा सुनाई।
