उत्तराखंड (देहरादून) 11 जुलाई 2025: औषधि विभाग ने नारकोटिक श्रेणी की दवाओं के दुरुपयोग को रोकने के लिए सख्त रुख अख्तियार किया है। होलसेल केमिस्ट एसोसिएशन देहरादून की बैठक में सहायक औषधि नियंत्रक डा. सुधीर कुमार ने दवा विक्रेताओं को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे ऐसी दवाओं का समुचित और पारदर्शी रिकार्ड अनिवार्य रूप से रखें। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
कहा कि नारकोटिक, साइकोट्रापिक और शेड्यूल एच-1 जैसी दवाएं अत्यंत संवेदनशील श्रेणी में आती हैं। इन दवाओं का गलत उपयोग समाज के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। ऐसे में सभी मेडिकल स्टोर संचालकों को अपने प्रतिष्ठानों में पारदर्शिता और अनुशासन के साथ काम करना होगा। कहा कि विभागीय टीम मेडिकल स्टोरों का नियमित निरीक्षण करेंगी और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर कार्रवाई तय है। औषधि निरीक्षक एमएस राणा, विनोद जगूड़ी और निधि रतूड़ी ने भी दवा व्यापारियों को कई जरूरी निर्देश दिए हैं। कहा कि प्रत्येक दवा प्रतिष्ठान में कार्यरत सभी कर्मचारियों का पंजीकरण अनिवार्य किया जाए। बिना पंजीकरण के कोई भी कर्मचारी दवा बिक्री में शामिल न हो। सभी बिलों पर स्पष्ट हस्ताक्षर व संपूर्ण विवरण दर्ज किया जाए। यह न केवल पारदर्शिता बनाए रखने में सहायक होगा, बल्कि किसी भी संदेहास्पद लेनदेन की स्थिति में जांच में सहूलियत देगा। इसके अलावा दुकानों में स्वच्छता बनाए रखने और लाइसेंस नवीनीकरण समय पर करने को भी कहा गया।
इस दौरान एसोसिएशन पदाधिकारियों ने भरोसा दिया कि औषधि विभाग के दिशा-निर्देशों का पालन किया जाएगा। साथ ही दवा कारोबारियों ने विभागीय अधिकारियों से संवाद कर जरूरी सुझाव भी दिए। बैठक का संचालन एसोसिएशन के महासचिव आकाश प्रभाकर ने किया। एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष मनीष नंदा, संजीत तनेजा आदि भी बैठक में मौजूद रहे।
