उत्तराखंड (देहरादून) 27 मई 2025: हाईकोर्ट के निर्देश पर बिंदाल नदी में अतिक्रमण चिह्नीकरण का काम बीते दिनों पूरा होने के बाद अब संबंधित लोगों को नगर निगम ने नोटिस देना शुरू कर दिया। करीब एक हजार चिह्नित अतिक्रमण बताए गए हैं। इन लोगों को पक्ष रखने के लिए सात दिन का समय दिया जा रहा है।
प्रशासन की अगुवाई में नगर निगम, ऊर्जा निगम, जल संस्थान, सिंचाई विभाग ने बिंदाल नदी में 2016 के बाद अतिक्रमणों को लेकर चिह्नीकरण किया था। ये कार्रवाई हाईकोर्ट के आदेश पर की गई। राजपुर वार्ड से पूर्व पार्षद उर्मिला थापा ने बिंदाल के उदगम स्थल और इससे मिलने वाले नालों में बनी दिक्कत और नदी में संकट को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। इसी क्रम में नदी को बचाने के लिए कार्रवाई चल रही है। साल 2016 के बाद निर्माण चिह्नित किए गए। रिस्पना और बिंदाल नदी किनारे बसी बस्तियों में 2016 के निर्माण को बचाने के लिए सरकार का अध्यादेश है। साल 2018 से सरकार तीन-तीन साल का अध्यादेश लेकर आ रही है। लेकिन बिंदाल नदी किनारे 2016 के बाद के निर्माण कार्रवाई की जद में आ गए। अतिक्रमणों को लेकर संबंधितों को नोटिस देने का काम शुरू कर दिया है। पांच अधिकारियों की अगुवाई में टीमें नोटिस दे रही है।
बता दें कि सरकार ने इन निर्माण पर कार्रवाई के लिए हाईकोर्ट में दिए हलफनामा में 30 जून तक का समय मांगा है। इसलिए अब काम में तेजी आ गई है। सहायक नगर आयुक्त और भूमि प्रभारी वीपीएस चौहान ने बताया कि बिंदाल नदी में साल 2016 के बाद हुए निर्माण पर नोटिस भेजे जा रहे हैं।
