उत्तराखंड (ऊखीमठ) 12 मई 2025: तृतीय केदार भगवान तुंगनाथ की यात्रा के दौरान चोपता से तुंगनाथ तक यात्रा मार्ग पर व्यवस्थाओं की खामियों का खामियाजा देश-विदेश से आए श्रद्धालुओं को भुगतना पड़ रहा है। यात्रा मार्ग पर जगह-जगह कूड़े के ढेर और पर्यावरणीय क्षति से शासन-प्रशासन के सुगम यात्रा के दावे खोखले साबित हो रहे हैं।
चोपता-तुंगनाथ पैदल मार्ग पर केदारनाथ वन्यजीव प्रभाग की लापरवाही के कारण बुग्यालों में मानवीय आवागमन बढ़ने और कूड़े के ढेर लगने से बुग्यालों की सुंदरता नष्ट हो रही है। तृतीय केदार के कपाट 2 मई को खुले थे। सात दिनों में ही 7,000 से अधिक श्रद्धालु दर्शन के लिए तुंगनाथ पहुंचे हैं। शौचालयों की कमी, पेयजल की आपूर्ति ठप होने और प्रतिक्षालयों की कमी के कारण तीर्थयात्रियों, व्यापारियों और घोड़ा-खच्चर संचालकों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। पैदल मार्ग पर शौचालयों की न के बराबर व्यवस्था है, जिससे महिला श्रद्धालुओं को विशेष रूप से परेशानी हो रही है। चोपता के व्यापारियों विक्रम सिंह भण्डारी और उमेद सिंह राणा ने बताया कि पेयजल आपूर्ति ठप होने के कारण उन्हें तीन किलोमीटर -दूर से पानी लाना पड़ता है। चोपता बाजार में शुलभ शौचालय की व्यवस्था नहीं होने से तीर्थयात्रियों को भारी परेशानियां हो रही है और पार्किंग की व्यवस्था की कमी के कारण जाम की स्थिति उत्पन्न हो रही है।
