उत्तराखंड (देहरादून) 21 अप्रैल 2025: बिंदाल नदी के किनारों पर हाईकोर्ट के आदेश पर किया जा रहा अतिक्रमण का सर्वे काफी हद तक पूरा हो गया है। हालांकि, अंतिम चरण में सर्वे टीम के सामने चुनौतियां अधिक हैं। कुल चार में तीन टीम सर्वे पूरा कर चुकी हैं और अभी तक करीब एक हजार अतिक्रमण चिह्नित किए जा चुके हैं। इसके अलावा अब अंतिम टीम नदी के सर्वाधिक अतिक्रमित क्षेत्र में चिद्वीकरण करेगी। इसके लिए भारी पुलिस बल की भी आवश्यकता पड़ सकती है। यह क्षेत्र बिंदाल पुल से लाल पुल के बीच का है।
बिंदाल नदी में मार्च 2016 के बाद के किए गए निर्माण को अवैध मानते हुए हाईकोर्ट ने चिहिनतकरण करने के निर्देश दिए। जिसे लेकर सर्वे किया जा रहा है और सरकार हाईकोर्ट में 30
जून तक अतिक्रमण ध्वस्त करने का हलफनामा दे चुकी है। प्रशासन, ऊर्जा निगम, जल संस्थान, नगर निगम, एमडीडीए और सिंचाई विभाग की संयुक्त टीमों को बिंदाल के सर्वे में लगाया गया है। बिंदाल नदी के उद्गम स्थल से लेकर मालसी होते हुए राजपुर रोड से सटी नदी क्षेत्र में दो
टीम सर्वे कर रही है। वहीं एक टीम कांवली पुल से लालपुल और लालपुल से कारगी के बीच सर्वे कर रही है। बिंदाल नदी में अतिक्रमण चिहिनत के लिए चल रहे सर्वे की लेकर अवैध निर्माण की सूची में शामिल एक-एक व्यक्ति का नाम, पता अंकित किया जा रहा है। बिजली और पानी का बिल मांगने के साथ ही घरों की फोटो व वीडियोग्राफी भी हो रही है। अतिक्रमण तय होने के बाद लाल निशान भी लगाया जा रहा है। अब तक तीन टीमों के सर्वे में करीब एक हजार अतिक्रमण चिहिनत हो चुके हैं। अब एक टीम बिंदाल पुल से लाल पुल के बीच सर्वे करेगी। यही क्षेत्र सबसे अधिक घना है और यहां सैकड़ों की संख्या में अतिक्रमण होने की आशंका है। यहां सर्वे के लिए पुलिस की भी मांग की जा रही है।
