उत्तराखंड (देहरादून) 18 अप्रैल 2025: चेतना आंदोलन के बैनर तले गुरुवार को मजदूरों ने जाखन चौक पर प्रदर्शन किया। आरोप लगाया कि होटल, रेस्टोरेंट, सरकारी विभागों और अन्य बड़े अतिक्रमणकारियों को बचाने के लिए उन्हें बेघर करने की कोशिश की जा रही है। न्यायालय के आदेशों की अवमानना करते हुए ऐसे तत्वों पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है । जिन्होंने नदियों में मलबा डाला और बड़े-बड़े निर्माण किए हैं। दूसरी तरफ उन्हीं आदेशों के बहाने बिंदाल नदी किनारे बसे मजदूरों को बेदखल करने का प्रयास किया जा रहा है। जाखन क्षेत्र में ही जिन घरों पर निशान लगाए गए हैं उनमें से कई घर वर्ष 2010 से पहले के बने हैं। वर्ष 2024 में भी ऐसी ही एक प्रक्रिया के बाद प्रशासन ने दावा किया था कि रिस्पना नदी पर बस्तियों में 525 अवैध घर हैं। लगातार आवाज उठाने के बाद यह मानना पड़ा कि इनमें से 400 से ज्यादा घर वैध हैं। अब फिर से एलिवेटेड रोड के नाम पर बस्तियों को उजाड़ने की तैयारी की जा रही है। जिसका पुरजोर विरोध किया जाएगा। जन हस्तक्षेप के बैनर तले आयोजित जनसभा में चेतना आंदोलन से शंकर गोपाल, सुवा लाल, उमेश, सुनीता देवी, गजराज मौजूद रहे।
