उत्तराखंड (देहरादून) 28 दिसंबर 2024: दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान के निरंजन फार्म मोथरोवाला में आयोजित श्री शिव कथा के पंचम दिवस को कथा व्यास डॉ. सर्वेश्वर ने महापार्थिवेश्वर हिमालय राज की शक्ति स्वरूपा पुत्री पार्वती जी का भगवान शिव के संग विवाह प्रसंग प्रस्तुत किया। यह प्रसंग गुढ़ अध्यात्मिक संदेश समेटे हुए था।
कथा व्यास ने बताया कि माता पार्वती जीवात्मा का प्रतीक हैं और भगवान शिव साक्षात परब्रह्म परमेश्वर का। हम समस्त जीवों का उस परमात्मा के साथ मिलन किस प्रकार से संभव है। जैसे नारद जी मां पार्वती के गुरु बन कर आए। ठीक ऐसे ही, हमें भी अपने जीवन में नारद जी जैसे एक ब्रह्मनिष्ठ तत्त्वेत्ता सदगुरु का सान्निध्य चाहिए जिनके कृपा हस्त तले हम उस ईश्वर का अर्थात शिव का साक्षात्कार कर पाएंगे।
कथा व्यास ने समाज में प्रचलित एक धारणा का भी खंडन करते हुए कहा कि लोग अक्सर सोचते हैं कि भगवान शिव के विवाह में नंदी-भूंगी इत्यादि शिव गण अत्यंत प्रसन्न होकर भांग की मस्ती में झम उठे थे और उसी का अनुसरण करते हुए आज लोग भी नशे का सेवन करते हैं । यह सब झूठ है यह हमारे समाज की विडंबना है कि भगवान शिव के नाम पर हम ईश्वर के उस अमृत रस को छोड़कर सांसारिक नशों का पान करते हैं।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि धर्मपुर विधायक विनोद चमोली, कैंट विधायक सविता कपूर, विरेन्द्र माहेश्वरी,शिव प्रकाश सेमवाल, डॉ. विजय भट्, उमेश कुमार त्रिपाठी, बीना नौटियाल, मनोहर सिंह रावत, सुरेश चंद्र गैरोला, शशि चमोली मुकेश राठौर, अंकित गोयल मौजूद रहे।
