उत्तराखंड (देहरादून) 13 सितंबर 2024: राज्यपाल लफ्टिनेंट जनरल (सेनि) गुरमीत सिंह ने कहा है कि प्रदेश के दुरस्थ जनपदों में सूचना का अधिकार अधिनियम की जागरूकता बढ़ाने के विशेष प्रयास किए जाएं। केवल मैदानी जनपद, देहरादून और हरिद्वार से ही 50 प्रतिशत से अधिक आरटीआई के आवेदन प्राप्त हो रहे हैं।इसको देखते हुए शेष जिलों में भी,विशेष कर ग्रामीण क्षेत्रों में जन सामान्य को जागरूक करने की जरूरत है।
राज्यपाल ने कहा कि सुचना प्राप्त करने में महिलाओं की भागीदारी बेहद कम है। महिलाओं को भी जागरूक करने के प्रयास किए जाने चाहिए। उन्होंने सूचना प्राप्त करने में महिलाओं की भागीदारी पर जोर देते हुए कहा कि अभी तक महिलाओं की भागीदारी केवल छह प्रतिशत है। उन्होंने महिलाओं को आरटीआई के प्रति और अधिक जागरूक करने को कहा। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को सूचना की शक्ति और इसके महत्व के बारे में बताया जाना बेहद जरूरी है।राज्यपाल ने आयोग द्वारा आनलाइन आरटीआई पोर्टल शुरू किए जाने को सराहा और कहा कि इससे लोगों के समय और भागदौड़ की बचत होगी। इससे लोक प्राधिकारियों की कार्य प्रणाली को और जवाबदेह व पारदर्शिता बनाने में सहायता मिलेगी।
गुरुवार को राजभवन में मुख्य सूचनाआयुक्त (प्रभारी) विवेक शर्मा, सूचना आयुक्त विपिन शर्मा और सूचना आयुक्त योगेश भट्ट ने शिष्टचार भेंट कर राज्य सूचना आयोग के क्रियाकलापों एवं गतिविधियों की जानकारी राज्यपाल को दी। उन्होंने सूचना का अधिकार अधिनियम की उत्तराखण्ड में प्रगति, निपटाई गई अपीलों एवं लंबित अपीलों आदि की जानकारी राज्यपाल के समक्ष रखी। उन्होंने अवगत कराया कि सूचना का अधिकार अधिनियम के अंतर्गति उत्कृष्ट कार्य करने वाले लोक सूचना अधिकारियों और प्रथम अपीलीय अधिकारियों को आयोग द्वारा सम्मानित किया जाएगा। बतायां कि आयोग द्वारा राज्य के कालेजों मेंकार्यशालाओं और वाद-विवाद प्रतियोगिताओ के आयोजन के साथ ही विभिन्न विभागों के लिए कार्यशाला का आयोजन भी प्रस्तावित है।
