उत्तराखंड (चकराता) 8 सितंबर 2024: महासू धाम हनोल में शुक्रवार को लूंग चढ़ाने से शुरु हुए आस्था के महापर्व जागड़ा की शनिवार को जौनसार क्षेत्र में धूम रही। यहां महासू मंदिरों में श्रद्धा का सैलब उमड़ा। चारों ओर महासू महाराज के जयकारे गुंज रहे थे। क्षेत्र में श्रद्धा और आस्था के साथ मनाए जाने वाले जागड़ा पर्व के दुसरे दिन छत्रधारी चालदा महाराज के प्रवा-स्थल दसऊ, महासू मंदिर थैना, टुंगरा, पंचरा, भंजरा, कोटी, कोट्वा,अष्टि, कोरवा, क्वारना, टगरी, बरास्वा, आदि गांवों में आस्था और लोक संस्कृति की त्रिवेणी बही। देव पूजन के साथ दूर दराज से आए हजारों लोगों ईष्ट देव के दर्शन कर मन्नतें मांगी। मंदिरों में देव लग्नानुसार देव पालकियों और निशानों को जैसे ही देव नायणी (शाही स्नान) के लिए बाहर निकाला गया वैसे ही श्रद्धालुओं की भीड़ देव दर्शन को उमड़ पड़ी।इस दौरान सैकड़ों श्रद्धालुओं पर देवता अवतरित हुए। देव वाद्य यंत्रों की थाप पर देव पालकी, डोरिये, निशान व चिह्नों को श्रद्धालू देव स्रोतों परले गए, जहां विधि-विधान के साथ देव पालकियों को शाही स्नान कराया गया। जागड़ा पर्व को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखा गया।नौकरी, व्यापार के सिलसिले में दूरदराज शहरों में बसे लोग भी आस्था के महापर्व पर शामिल होने के लिए अपने पैतृक गांवों में पहंचे और देवदर्शन कर पुण्य लाभ कमाया।
