उत्तराखंड (रुड़की) 30 अगस्त 2024: भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान का ही मुख्य सर्वर हैक हो गया। घटना को हुए 20 से अधिक दिन का समय हो चुका है। हैकर की पांच करोड़ की मांग को नकारते हुए संस्थान ने अधिकांश डाटा रिट्रीव कर लिया है। वित्तीय विभाग से सम्बन्धित कई विभागों का डाटा अब भी साइबर ठगों के कब्जे में है।
साइबर ठगों ने साइबर सिक्योरिटी का पाठ पढ़ाने वाली आईआईटी का ही सर्वर हैक कर लिया है। जानकारी मिली है कि साइबर ठगों ने पांच करोड़ रूपये की मांग की है। संस्थान पहले तो तकनीकी खराबी बताते हए ठगी के शिकार होने की शर्मिन्दगी से बचता रहा, लेकिन धीरे-धीरे जब आशंकाएं और अफवाहों ने जन्म लेना आरम्भ किया तो संस्थान ने दबी आवाज में सर्वर हैक होने की बात स्वीकारी। सूत्रों का कहना है कि हालांकि बीते 20 से आधिक दिनों में संस्थान ने छात्रों और कर्मचारियों का अधिकांश डाटा रिट्रीव कर लिया है, लेकिन अब भी वित्तीय मामलों से जुड़े स्रिक जैसे विभागों का महत्वपूर्ण डेटा अब भी साइबर ठगों के ही कब्जे में है।उसे भी जल्द ही रिट्रीव कर लिया जाएगा। मामले को लेकर संस्थान का कोई भी अधिकारी कुछ भी बताने को तैयार नहीं है। बताया गया है कि सर्वर की सुरक्षा के लिए कई घेरों के सुरक्षा इन्तजाम है। इसमें सिस्को जैसी नामी बहुराष्ट्रीय कम्पनी का भी सहयोग लिया गया है।
