उत्तराखंड (देहरादून) 16 मार्च 2026: राजधानी की सड़कों पर बेलगाम दौड़ रहे ई-रिक्शा और उनके चालकों की मनमानी पर अब परिवहन विभाग नकेल कसने जा रहा है। बढ़ती शिकायतों और नियमों के उल्लंघन को देखते हुए आरटीओ (प्रवर्तन) ने जिले भर में बड़े पैमाने पर छापेमारी और चेकिंग की रूपरेखा तैयार कर ली है।
देहरादून जनपद (ऋषिकेश, विकासनगर और देहरादून शहर) में वर्तमान में करीब साढ़े आठ हजार (8,500) ई-रिक्शा पंजीकृत हैं। लेकिन समस्या पंजीकरण की नहीं, बल्कि उनके संचालन के तरीके की है। परिवहन विभाग को लगातार मिल रही इन शिकायतों ने विभाग की चिंता बढ़ा दी है। कई वाहन बिना फिटनेस और परमिट के सड़कों पर दौड़ रहे हैं। बड़ी संख्या में ऐसे चालक हैं जिनके पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस (DL) नहीं है। कई जगहों पर कम उम्र के लड़के ई-रिक्शा चलाकर यात्रियों की जान जोखिम में डाल रहे हैं। नियमों के उल्लंघन से शहर के मुख्य चौराहों पर जाम की स्थिति बनी रहती है।
आरटीओ प्रवर्तन डॉ. अनीता चमोला के अनुसार, शहर के सबसे व्यस्त और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में विशेष टीमें तैनात की जाएंगी:
हनुमान चौक, GMS रोड (GISDP क्षेत्र), प्रमुख मंदिर मार्ग और बाजार क्षेत्र और बिना ड्राइविंग लाइसेंस और अधूरे दस्तावेजों के साथ ई-रिक्शा चलाने वालों के खिलाफ अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विशेष चेकिंग अभियान चलाकर ऐसे वाहनों को सीज किया जाएगा और भारी जुर्माना वसूला जाएगा।
