उत्तराखंड (ऋषिकेश) 13 मई 2025: पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. रमेश पोखिरयाल निशंक ने कहा कि लेखक गांव में स्थापित नागदेवता मंदिर क्षेत्र की सांस्कृतिक आत्मा का प्रतीक है। हमारी देवत्व की संस्कृति पूरे समाज को सुसंस्कृत और सभ्य बनाती है।
रविवार को लेखक गांव थानो में पौराणिक नागदेवता मंदिर का जीर्णोद्धार कार्य का शुभारंभ करते उन्होंने कहा कि उत्तराखंड देवभूमि है, यहां हर स्थान पर देवी-देवताओं का निवास है। इसलिए हम सबका नैतिक दायित्व बनता है कि हम देवभूमि की परंपरा को आगे बढ़ाएं, हमारी देवत्व की संस्कृति पूरे समाज को सुसंस्कृत और सभ्य बनाती हैं। अध्यात्म, हिमालय, गंगा और स्वच्छ वातावरण में लेखक अनेकों रचनाएं, साहित्य और शोध लिख सकता है और यह सब लेखक गांव में समाहित है। आज यह मंदिर उस दिशा में बढ़ता हुआ कदम है।
मंदिर समिति के अध्यक्ष डॉ. राजेश नैथानी ने कहा कि जीव और जीवन को सिर्फ और सिर्फ अध्यात्म के माध्यम से ही समझा जा सकता है। हमारी संस्कृति को पूरे विश्व में बढ़ाने की आवश्यकता और उत्तराखंड इसमें अग्रणी भूमिका निभाएगा। कार्यक्रम में देश के सैनिकों की रक्षा के लिए विशेष हवन किया गया। भारत मां के जयकारों के साथ ही सैनिकों की जय से पूरा वातावरण गूंज उठा।
मौके पर ज्योतिर्मठ शंकराचार्य आश्रम के महंत केशवानंद महाराज, पर्यटन सलाहकार ओम प्रकाश जमदग्नि, हरिद्वार जिला पंचायत अध्यक्ष किरण चौधरी, लेखक गांव की निदेशक विदुषी निशंक, लेखक गांव के मुख्यकार्यर्याधिकारी ओम प्रकाश बडोनी, दीवान सिंह, राजकुमार तिवारी, बलवंत सिंह आदि उपस्थित रहे।
