उत्तराखंड (नैनीताल) 16 अप्रैल 2025: उत्तराखंड हाईकोर्ट ने देहरादून की विभिन्न नदियों, नाले, खालों में अतिक्रमण को लेकर दायर अलग अलग जनहित याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई की। मुख्य न्यायधीश जी नरेंद्र व न्यायमूर्ति आलोक कुमार मेहरा की खण्डपीठ में प्रमुख सचिव वन आरके सुधांशु, प्रमुख सचिव सिंचाई डॉ राजेश कुमार, सचिव शहरी विकास नीतीश कुमार झा व सचिव राजस्व एसएन पांडे वर्चुअल माध्यम से कोर्ट में पेश हुए।
इनके द्वारा कोर्ट में शपथ पत्र पेश कर कहा गया है कि बिंदाल नदी में किए गए अतिक्रमण को 30 जून तक हटा दिया जाएगा। कोर्ट ने देहरादून क्षेत्र में नदी-नालों किए जा रहे बिना मानचित्र स्वीकृति के किए जा रहे अवैध निर्माण पर तुरंत प्रभाव से रोकने के निर्देश देने के साथ ही राज्य सरकार से 21 अप्रैल तक देहरादून के विकासनगर में प्रशासन द्वारा अतिक्रमण पर की गई ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पर विस्तृत रिपोर्ट पेश के करने को कहा है। साथ ही कोर्ट ने चिह्नित मानचित्र को कोर्ट में पेश करने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई के लिए कोर्ट ने 21 अप्रैल की तिथि नियत की है। सुनवाई पर सचिव शहरी विकास ने राज्य सरकार की ओर से हलफनामा पेश किया। कहा गया कि कोर्ट के आदेश की अनुपालन रिपोर्ट पेश कर दी है। कोर्ट के आदेश के अनुसार ही पूर्व में एक कमेटी गठित कर सर्वे किया गया है। और अतिक्रमण को चिह्नित किया गया। अब उसे नोटिस देकर हटाने की कार्रवाई चल रही है।
