उत्तराखंड (देहरादून) 15 अप्रैल 2026: दिल्ली पब्लिक स्कूल देहरादून में भारतीय संविधान के शिल्पकार एवं महान समाज सुधारक डॉ. भीमराव रामजी अम्बेडकर की 135 वीं जयंती श्रद्धा एवं सम्मान के साथ मनाई गई। विद्यालय प्रांगण में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य उनके अमूल्य योगदान को स्मरण करना तथा समानता, स्वतंत्रता, बंधुत्व और न्याय के संवैधानिक मूल्यों के प्रति विद्यालय समुदाय की प्रतिबद्धता को पुनः सुदृढ़ करना था।
कार्यक्रम का शुभारंभ विशेष प्रातःकालीन सभा से हुआ, जिसमें डॉ. अम्बेडकर के जीवन एवं उनके बहुआयामी योगदान पर प्रकाश डाला गया। उन्हें एक प्रख्यात विधिवेत्ता, अर्थशास्त्री, राजनेता एवं समाज सुधारक के रूप में स्मरण किया गया, जिन्होंने समाज के वंचित वर्गों के उत्थान के लिए अपना सम्पूर्ण जीवन समर्पित कर दिया। इस अवसर पर उनका प्रेरणादायक संदेश “शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो” साझा किया गया, जिसने उपस्थित सभी को प्रेरित किया।
सभा के दौरान बाबासाहेब को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अर्पित श्रद्धांजलियों का भी उल्लेख किया गया, जो उनकी वैश्विक विरासत को दर्शाता है। विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री बी. के. सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि डॉ. अम्बेडकर केवल एक महान नेता ही नहीं, बल्कि एक सशक्त विचारधारा हैं, जिनकी दूरदर्शिता आज भी आधुनिक भारत को दिशा प्रदान करती है। उन्होंने सभी को संवैधानिक मूल्यों का पालन करते हुए शिक्षा और पारस्परिक सम्मान के माध्यम से एक समतामूलक एवं समावेशी समाज के निर्माण हेतु प्रेरित किया।
इस अवसर पर विद्यालय के प्राधिकारियों द्वारा डॉ. अम्बेडकर के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की गई। कार्यक्रम का समापन भारतीय संविधान की प्रस्तावना के सामूहिक वाचन के साथ हुआ, जिसने न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व के आदर्शों के प्रति सभी की प्रतिबद्धता को सुदृढ़ किया।
यह कार्यक्रम अत्यंत गरिमामय, प्रेरणादायक एवं ज्ञानवर्धक रहा, जिसने समस्त विद्यालय समुदाय पर अमिट छाप छोड़ी और डॉ. बी. आर. अम्बेडकर द्वारा प्रतिपादित सिद्धांतों के प्रति विद्यालय की निष्ठा को पुनः स्थापित किया।
