उत्तराखंड (देहरादून) 22 जुलाई 2025: आचार्य श्री 108 सौरभ सागर जी महामुनिराज के सान्निध्य में गांधी रोड स्थित दिगंबर जैन पंचायती मंदिर जैन भवन में संगीतमय कल्याण मंदिर विधान का आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं ने भजनों व नृत्य के माध्यम से भगवान की अराधना करते हुए श्रद्धा भाव से पूजा अर्चना की। दसवें दिन प्रवचन करते हुए सौरभ सागर महाराज ने कहा कि भगवान पार्श्वनाथ का तीर्थकाल 100 वर्षों का था। वे जैन धर्म के 23वें तीर्थकर थे। 30 वर्ष की आयु में उन्होंने दीक्षा ली और 70 वर्षों तक धर्म का उपदेश दिया। 100 वर्ष की आयु में सम्मेद शिखर पर उनका निर्वाण हुआ।
उन्होंने कहा कि जैसे बूंद-बूंद से सागर भरता है, वैसे ही व्यक्ति-व्यक्ति से समाज का निर्माण होता है। प्रतिदिन प्रवचन रूपी अमृतपान से श्रावक धर्म के अनमोल मोती प्राप्त कर सकता है। इस मौके पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे।
