उत्तराखंड (देहरादून) 19 जुलाई 2025: आगामी छह से आठ अगस्त तक दून में 5वां अंतराष्ट्रीय एशियाई जल पर्यावरण प्रौद्योगिकी मंच का आयोजन किया जाएगा। तीन दिवसीय मंच एशिया और अन्य देशों के वैज्ञानिकों, विशेषज्ञों, नीति निर्माताओं और उद्योग प्रतिनिधियों को एक साथ जल और पर्यावरण तकनीकों में हाल की प्रगति पर चर्चा की जाएगी। यह मंच जापान के यूनिवर्सिटी ऑफ टोक्यो, भारत के आईआईटी रुडकी और यूपीईएस देहरादून के स्कूल ऑफ एडवांस्ड इंजीनियरिंग, मेक्सिको के टेक्नोलॉजिको डी मोटेरे और भारत के राष्ट्रीय जल विज्ञान संस्थान रुडकी द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किया जा रहा है। यूपीईएस के कुलपति डा. राम शर्मा ने कहा कि जब दुनिया जलवायु परिवर्तन और जल संकट जैसी चुनौतियों से जूझ रही है। ऐसे में यह मंच वैज्ञानिक सोच, नवाचार और नीति के जरिए सामूहिक समाधन खोजने के लिए बेहद जरुरी है। यूपीईएस को इस अंतर्राष्ट्रीय सहयोग का हिस्सा बनने और सतत जल भविष्य के लिए संवाद की जगह बनाने पर गर्व है। यूनिवर्सिटी ऑफ टोक्यो, जापान के प्रो. फुतोशी कुरिसु ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि 12 वर्षों के बाद यह मंच फिर से भारत लौट रहा है और अबकी बार देहरादून में हो रहा है। आईएफएडब्ल्यूईटी के संयोजक प्रो. मनीष कुमार ने भी प्रसन्नता जताई है।
