उत्तराखंड (रुद्रप्रयाग) 20 मई 2025: बीएड की फर्जी डिग्री के आधार पर शिक्षा विभाग में नौकरी पाने वाले एक और शिक्षक को कारावास की सजा हुई है। न्यायालय ने शिक्षक को तीन वर्ष की जेल के साथ पन्द्रह हजार के अर्थदंड से दंडित किया है। अब तक जिले में फर्जी शिक्षकों के खिलाफ 26 मामलों का निस्तारण हो चुका है।
जनपद में तैनात फर्जी शिक्षक सुरेन्द्र चन्द ने अपनी बीएड की फर्जी डिग्री के आधार पर शिक्षा विभाग में नौकरी प्राप्त की। शिक्षा विभाग की एसआईटी और विभागीय जांच के अनुसार शिक्षक की बीएड की डिग्री का सत्यापन कराया गया, जिस पर चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय मेरठ से प्राप्त आख्या में पाया गया कि उक्त फर्जी शिक्षक को विश्वविद्यालय से वर्ष 1999 की कोई भी बीएड डिग्री जारी नहीं हुई है।
एसआईटी जांच कराई गई, जिसके आधार पर शिक्षा विभाग ने शिक्षक के विरुद्ध मुकदमा पंजीकृत कराया। फर्जी शिक्षक को तत्काल निलंबित कर बर्खास्त किया गया और सीजेएम न्यायालय के समक्ष मामला विचारण हुआ। सोमवार को विद्वान मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अशोक कुमार सैनी की न्यायालय ने फर्जी शिक्षक सुरेन्द्र चन्द को फर्जी बीएड की डिग्री के आधार पर छल व कपट से नौकरी पाने पर दोषी करार पाते हुए धारा 420 भारतीय दण्ड संहिता 1860 के अंतर्गत तीन वर्ष का कठोर कारावास और दस हजार रुपये जुर्माना एवं जुर्माना अदा न करने पर तीन माह का अतिरिक्त कारावास व धारा 471 भारतीय दण्ड संहिता 1860 के अंतर्गत दो वर्ष का कठोर कारावास व पांच हजार जुमनि से दंडित किया गया।
