डीएफओ ने सीओ को भेजा सुरक्षा देने का पत्र
उत्तराखंड (ऋषिकेश) 9 अप्रैल 2025: वीरभद्र मंदिर के निकट करीब 26 बीघा वनभूमि को लेकर कब्जेदारों और वनकर्मियों के बीच तीखी रार हो गई। वन विभाग एक तरफ लीज खत्म होने का तर्क देकर अपनी भूमि वापस लेने की कोशिश कर रहा है तो दूसरी ओर कब्जेदारों का समूह उस भूमि की ट्रस्ट को लीज होना करार दे रहा है। इसी बहस को लेकर बड़ी संख्या में कब्जेदारों का समूह वन बीट चौकी वीरभद्र आ धमका और लीज की भूमि पर दोबारा न आने की चेतावनी दी। वनकर्मियों का आरोप है कि कब्जेदारों का नेतृत्व कर रहे दिगंबर राज गिरि ने धमकी दी।
पूर्व में वीरभद्र मंदिर ट्रस्ट से जुड़े सत्यानंद गिरि और माई कालिकानंद गिरि को वन विभाग की ओर से 2.20 हेक्टेयर वन भूमि लीज पर दी गई थी। वन विभाग के दस्तावेजों के मुताबिक लीज अवधि अब खत्म हो चुकी है जिसका रिन्युवल भी नहीं हुआ है।
2020 में लीज खत्म होने का दावा
एक तरफ कोर्ट से लेकर सरकार अतिक्रमण को लेकर सख्त है, वहीं जहां धार्मिक संस्था जबरन कब्जे पर आमादा है। निरंजनी अखाड़े से जुड़े बताए जा रहे दिगंबर राज गिरि ने वनभूमि पर कब्जे को लेकर जो अक्रामकता दिखाई है। उससे वनकर्मियों की ही सुरक्षा का खतरा पैदा हो गया है। नाजुक हालात देखते हुए वन क्षेत्राधिकारी ऋषिकेश रेंज गंभीर सिंह धमांदा ने डीएफओ नीरज शर्मा को मामले से अवगत कराया है। रेंजर की ओर से बताया गया है कि लीज 2020 में खत्म हो चुकी है। धार्मिक संरचनाएं बनाकर उस भूमि पर कब्जे का प्रयास हो रहा है। रोकने पर दिगंबर राज गिरि ने साथियों के साथ वन चौकी का घेराव किया। साथ ही मीरा बेन कुटिया वन भूमि पर कर्मियों को न आने की भी चेतावनी दी गई है। सुरक्षा के लिहाज से पत्र एसएसपी को भी भेजा गया है। डीएफओ की ओर से भी सीओ ऋषिकेश सहित कोतवाली को भी सुरक्षा संबंधी पत्र भेजा गया है।
