उत्तराखंड (देहरादून) 9 दिसंबर 2024: कानपुर के नीतेश सचान ने 2022 में शादी- पार्टी में स्टील के बर्तन फ्री ऑफ कॉँस्ट प्रोवाइड़ करने का काम शुरु किया था। ऐसा करने के पीछे उनका उद्देश्य क्लाइमेट चेंज पर लोगों को अवेयर करना था। नीतेश बताते हैं कि 2022 में मात्र 75 बर्तनों के सेट से यह काम शुरु किया था। जो अब 2000 बर्तनों के सेट तक पहुंच गया है। वह बताते हैं कि आपके घर के 20 से लेकर 2000 लोगों के लिए किसी भी फंक्शन के लिए हम स्टील के बर्तन मुहैया करा रहे हैं। हम आपको आपके मेन्यू के हिसाब से बर्तन प्रोवाइड कराएंगे। पहले हम इसे फ़री ऑफ कॉस्ट देते थे लेकिन अब हम इसके हैंडलिंग चार्ज और बर्तन की वॉशिंग के चार्ज लेने लगे हैं। हमारा मेन काम लोगों को क्लाइमेट चेंज के बारे में लोगों को अवेयर करना है। बर्तन बैंक के माध्यम से हम क्लाइमेट चेज के बारे में बात करते हैं। हमारा मॉडल फ्रॉम एक्शन द अवेयरनेस हैं। जब हम बर्तन लेकर जाते हैं तब 15 से 20 मिनट क्लाइमेट चेंज की भयावहता को लेकर लोगों से बात करते हैं और लोग उस दौरान हमारी बात सुनते हैं। अब तक हम 2 लाख 15 हजार सिंगल यूज प्लास्टिक डिस्पोजेबल को धरती में जाने से रोक पाए हैं। और लगभग 20000 लोगों तक अपनी बात पहुचाई है। कानपुर, उन्नाव और फर्तेहपुर तक पहुंचकर लोगों को अवेयर किया है। यह हमारे लिए एक एक्सपेरिमेंट है। इस मॉडल को देखकर हम चाहते हैं कि लोग इससे सीखें और इसे अपने-अपने शहरों में लागु करें। इससे गैदरिंग में सिंगल यूज प्लास्टिक के बजाय इन बर्तनों का यूज किया जाने लगे क्योंकि हम चाहते हैं कि यह एक सस्टेनेबल मॉडल बने और सिंगल यूज प्लास्टिक के इस्तेमाल को पूरी तरह से रोका जा सके, इससे जो लोग सिंगल यूज प्लास्टिक और डिस्पोजेबल का काम कर रहे हैं वह भी इसे करने के लिए प्रेरित हों और सही मायनों में हमारा प्रयास सस्टेनेबल हो सके। क्योंकि हर कोई आर्थिक रूप से सस्टेनेबल होना चाहता है और जो काम करने से एनवायरमेंट की सेहत बेहतर रहे उस काम को क्यों न चुना जाए।
