उत्तराखंड (देहरादून) 4 दिसंबर 2024: वक्त के साथ-साथ लोगों में तरह-तरह की बीमारियां लगती जा रही हैं। ऐसे में बीमारी से पीड़ित लोगों के परीक्षणों के बाद भी बीमारी का पता आसानी से न लग पाने के कारण, पीड़ितों की परेशानियां बढ़ती जा रही हैं। अब व्यक्ति में बीमारी का पता प्रकृति परीक्षण एप से लगाया जाएगा। इसकी शुरुआत देश के प्रधानमंत्री मोदी पहले ही विगत 29 अक्टूबर को कर चुके हैं।
बताते चलें कि उक्त संबंध में नरेंद्रनगर स्थित तहसील सभागार में भारतीय चिकित्सा परिषद उत्तराखंड एवं देश के प्रकृति प्रशिक्षण अभियान के स्टेट कोऑर्डिनेटर डॉ. जेएन नौटियाल के मार्गदर्शन में जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस मौके पर उपजिलाधिकारी नरेंद्र नगर देवेंद्र सिंह नेगी, तहसीलदार अयोध्या प्रसाद उनियाल भी कार्यशाला में मौजूद थे। कार्यशाला में जिले के 9 विकास खंडों से आये आयुर्वेदिक विभाग के डॉक्टरों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस मौके पर डा. नौटियाल ने कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि मनुष्य के शरीर में वात पित्त और कफ जैसे त्रिदोषों का पता लगाने के लिए प्रकृति परीक्षण एप की मदद ली जाएगी। बताया कि भारतीय चिकित्सा परिषद का यह अभिनव प्रयोग बीमार लोगों के स्वास्थ्य परीक्षण व रोगों के निराकरण में मील का पत्थर साबित होगा। इस मौके पर उप जिला अधिकारी देवेंद्र सिंह नेगी और तहसीलदार अयोध्या प्रसाद उनियाल ने कहा कि विज्ञान के इस युग में निरंतर होती जा रही नई-नई खोजें मानव जगत के कल्याण के लिए वरदान साबित होंगी। कार्यशाला का संचालन बौराडी नई टिहरी आयुष विंग की वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. सिद्धि मिश्रा ने किया। इस दौरान वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी जिला चिकित्सालय डॉ. सत्यवीर रावत, नरेंद्रनगर की प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ.मीनाक्षी किथोरिया, डॉक्टर आनंद श्रीवास्तव, डा. सुबेकशील कुलश्रेष्ठ, डॉ. हरिश्चंद्र भट्ट आदि ने अपने-अपने सुझाव साझा किये।
