उत्तराखंड (देहरादून) 11 अगस्त 2024: भारतीय सेना की17वीं गढ़वाल राइफल्स में तैनात हवलदार दीपेन्द्र कंडारी शहीद हो गए हैं । मूलरूप से चमोली जिले के पोखरी ब्लॉक के करछुना गांव के रहने वाले शहीद हवलदार दीपेन्द्र का परिवार वर्तमानत में देहरादून के शिमला बाईपास रोड स्थित नया गांव में रहता है।शहीद का पार्थिव शरीर शनिवार शाम को मिलिट्टी अस्पताल देहरादून पहुंचा है। उनकी अत्येष्टि रविवार सुबह को सैन्य सम्मान के साथ नयागांव स्थित शमशान घाट पर की जाएगी। इससे पहले शहीद के पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शनि के लिए मिलिट्री अस्पताल से उनके आवास पर लाया जाएगा।
अपने लाडले की शहादत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मंच गैया। नाते-रिश्तेदार, पड़ोसी व तमाम गौरव सेनानी परिजनों को सांत्वना देने के लिए घर पहुंच रहे हैं। जानकारी के अनुसार 17वीं गढ़वाल राइफल्स के हवलदार दीपेन्द्र कंडारी वर्तमान में जम्मु-कश्मीर के तंगधार क्षेत्र में अग्रेम पोस्ट पर तैनात थे। बताया जा रहा है कि गत दिवस वह पोस्ट पर गश्ती कर वापस लौट रहे थे, इसी दौरान वह गिर गए। संभवतःगिरने के कारण उन्हें गंभीर चोट लगी है। बाद में उनुक़े साथी हवलदार दीपेन्द्र को पांच किमी कंधे पुर रखकर बेस कैंप में लाए,जिसके बाद इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया। इलाज केदौरान उन्होंने अस्पताल में ही अंतिम सांस ली। वह 23 साल पहले सेना में भर्ती हुए थे। वह अपने पीछे पत्नी रीना कंडारी, बेटी अनुष्का व बेटा अभिनव कंडारी के अलावा बुजुर्ग माता-पिता को छोड़ गए हैं। उनके पिता सुरेनद्र कंडारी भी रिटायर्ड सैनिक हैं जबकि मां बीसा देवी गृहणी है।
शहीद दीपेन्द्र कंडारी के बड़े भाई पदमेंद्र कंडारी वताते हैं कि उनका पुरा परिवार ही सेना के लिए समर्पित है। उनके दादा, परदादा के अलावा चाचा, ताऊ, पिताजी व भाई सेना में ही तैनात थे। वर्ष 1971 के भारत-पाक युद्ध में उनके दादा को वीर चक्र मिला था।
