उत्तराखंड (रुद्रप्रयाग) 8 अगस्त 2024: भारी बारिश से मंदाकिनी ने रौद्र रूप धारण कर सोनप्रयाग में अस्थाई पुल बह गया है। वहीं बदरीनाथ हाईवि के कमेड़ा गौचर के पास पहाड़ी से पत्थर गिरने कारण एक वाहन चपेट में आ गया। वाहन सवारों ने किसी तरह अपनी जान बचाई। वहीं केदारनाथ यात्रा के पैदल पड़ावों पर फंसे स्थानीय लोगों को निकालने को लेकर एसडीआरएफ का रेस्क्यू अभियान सातवें दिन भी जारी रहा। मंगलवार रात बारिश से मंदाकिनी नदी का जलस्तर काफी बढ़ गया है। इससे सोनप्रयाग में मन्दाकिनी नदी पर बनाया गया आर्मी का अस्थाई पुल बह गया । इससे आर्मी के जवानों की मेहनत पर पानी फिर गया है। केदारनाथ यात्रा पड़ाव के सोनप्रयाग में मंदाकिनी का जलस्तर बढ़ने से सोन नदीं और मन्दाकिनी के संगम के समीप सेना ने बनाया पैदल अस्थाई पुल बह गया। यहां सेना ने दो पुल बनाए थे। इनमें नदी पार कर संगम के समीप सोनप्रयाग की ओर भी एक पुल बनाया गया था। मंगलवार की रात्रि तेज बारिश से पुल बह गया।
वहीं बदरीनाथ हाईवे के गौचर-कमेड़ा के पास भी हादसा हुआ है। बदरीनाथ हाईवे के गीचर-कमेड़ा के पास पहाडी से मलबा आने के कारण एक वाहन चपेट में आ गया। वाहन के बोल्डर की चपेट में आने से वाहन में बैठे लोगों ने भाग कर जान बचाई। इधर, सातवें दिन भी केदारनाथ पैदल मार्ग पर एसड़ीआरएफ का रेस्क्यू अभियान जारी रहा। टीमों की ओर से पुलिस महा निरीक्षक रिधिम अग्रवाल के निर्देशन व कमांडेंट एसडीआरफएफ मणिकांत मिश्रा के नेतृत्च में केदारनाथ पैदलमार्ग पर रेस्क्यू और सर्च अभियान चलाया जा रहा है। बुधवार को एसडीआरएफ टीम ने सब इंस्पेक्टर अशीष डिमरी के नेतृत्व में गौरीकुंड में फसे 150 स्थानीय लोगों और यात्रियों को पैदल सुरक्षत रेस्क्यू किया । लिनचोली से एसडीआरएफ के जवान राम नरेश के नेतृत्व में एसडीआरएफ उत्तराखंड पुलिस की एक सब टीम ने 60 लोगों के समूह का रेस्क्यू किया।
