उत्तराखंड (मसूरी) 19 अगस्त 2026: पहाड़ों की रानी मसूरी के ऐतिहासिक भद्रराज मंदिर में दो दिवसीय मेले का आयोजन श्रद्धा और उल्लास के साथ किया गया। मेले में दूर-दराज क्षेत्रों से पहुंचे श्रद्धालुओं ने भगवान भद्रराज के दर्शन कर पूजा-अर्चना की और सुख-समृद्धि की कामना करते हुए आशीर्वाद लिया धार्मिक आयोजन के दौरान मंदिर परिसर में भक्तिमय माहौल बना रहा।
भद्रराज मंदिर में मेले का आयोजन: मंदिर समिति के अनुसार, बीते वर्षों की तुलना में भद्रराज मंदिर के प्रति श्रद्धालुओं की आस्था लगातार बढ़ी है। धार्मिक महत्व के साथ अब यह क्षेत्र पर्यटन की दृष्टि से भी पहचान बना रहा है मेले के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और पर्यटकों के पहुंचने से क्षेत्र में रौनक रही समिति का कहना है कि आने वाले समय में यदि क्षेत्र में सुविधाओं का विस्तार किया जाता है, तो भद्रराज मंदिर धार्मिक पर्यटन का प्रमुख केंद्र बन सकता है।
भद्रराज मंदिर को लेकर स्थानीय स्तर पर कई धार्मिक मान्यताएं प्रचलित हैं. मान्यता है कि यह क्षेत्र भगवान कृष्ण के बड़े भाई बलराम (भद्रराज) को समर्पित है। स्थानीय श्रद्धालु उन्हें न्याय और पशुधन की रक्षा करने वाले देवता के रूप में पूजते हैं मंदिर में विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले श्रद्धालुओं की गहरी आस्था है।
समिति के पदाधिकारियों ने सरकार से मांग की कि भद्रराज मंदिर क्षेत्र में श्रद्धालुओं और पर्यटकों की बढ़ती आवाजाही को देखते हुए व्यवस्थाओं को और सुगम बनाया जाए उनका कहना है कि मंदिर की ऐतिहासिक और धार्मिक विरासत को संरक्षित रखते हुए यहां पर्यटन सुविधाओं का विकास किया जाना चाहिए, ताकि आने वाले समय में देश-विदेश से पहुंचने वाले पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
