उत्तराखंड (देहरादून) 04 अगस्त 2026: कांवड़ यात्रा को लेकर एनएच-58 का एक हिस्सा मेरठ के परतापुर से उत्तराखंड तक कांवड़ियों के लिए रिजर्व कर दिया है। हाईवे पर दूसरी ओर टू-वे व्यवस्था यानी वाहनों के आने-जाने की व्यवस्था लागू की है। वहीं, कांवड़ियों की भीड़ बढ़ी तो दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे का एक हिस्सा पांच अगस्त से कांवड़ियों के लिए आरक्षित कर दिया जाएगा
कांवड़ यात्रा को लेकर पुलिस-प्रशासन का सबसे ज्यादा फोकस हादसों को रोकने पर है। इसके लिए एनएच-58 को निर्धारित समय से तीन दिन पहले ही कांवड़ियों के लिए आरक्षित किया गया। एनएच-58 पर डिवाइडर की एक ओर की पूरी लेन परतापुर से खतौली और इसके बाद मुजफ्फरनगर से उत्तराखंड बार्डर से कांवड़ियों के लिए आरक्षित कर दी गई है। हादसे पर दूसरी ओर टू-वे व्यवस्था में हल्के वाहन और बाइक चलेंगी। दूसरी लेन को भी सात अगस्त से बंद करने को लेकर मंथन चल रहा है।
एक्सप्रेसवे पर मेरठ से सिर्फ जाने की सुविधा
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर पांच अगस्त से एक लेन कांवड़ियों के लिए आरक्षित करने की प्लानिंग है। दूसरी लेन पर मेरठ से दिल्ली के लिए हल्के वाहन चलते रहेंगे। दिल्ली से जिन वाहनों को मेरठ-हरिद्वार की तरफ आना है, उन्हें गाजीपुर बार्डर से एनएच-9 होते हुए यूपी गेट से डासना इंटरचेंज गाजियाबाद से पिलखुवा हापुड़ भेजा जाएगा। यहां से ततारपुर तिराहा होते हुए ये वाहन किठौर से मेरठ आएंगे। जिन वाहनों को मुजफ्फरनगर जाना है, उन्हें किठौर से परीक्षितगढ़ होकर मवाना और रामराज निकाला जाएगा, जहां से मुजफ्फरनगर जाएंगे
