उत्तराखंड (हरिद्वार) 2 दिसंबर 2025:राजाजी टाइगर रिजर्व की मोतीचूर रेंज में एक हाथी के बच्चे की ट्रेन से कटकर दर्दनाक मौत हो गई । हाथी के बच्चे की मौत से राजाजी टाइगर रिजर्व प्रशासन में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही राजाजी टाइगर रिजर्व के अधिकारियों और कर्मचारियों की टीम मौके पर पहुंची और शव को कब्जे लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। ट्रेन की टक्कर लगते ही हाथी का बच्चा गिर पड़ा और उसके ऊपर से ट्रेन की बोगी उतर गई। ट्रेन के नीचे हाथी के बच्चे का शव पड़ा रहा और करीब दो घंटे तक रेल यातायात प्रभावित रहा।
मोतीचूर रेलवे स्टेशन और रायवाला के बीच खड़खड़ी उत्तरी बीट की यह घटना है। अक्सर हाथी यहां से रेलवे ट्रैक को पार करते हैं। हादसा उस समय हुआ जब हाथियों का झुंड जंगल से निकलकर ट्रैक पार कर रहा था। तभी यहां से हावड़ा देहरादून एक्सप्रेस ट्रेन गुजर रही थी। टक्कर लगते ही शिशु हाथी ट्रेन के इंजन के नीचे फंस गया। बताया जा रहा है कि रफ्तार अधिक होने से चालक ब्रेक नहीं लगा सका और शिशु हाथी इंजन के नीचे आ गया। इस कारण उसकी मौके पर ही जान चली गई।
हादसे के चलते करीब दो घंटे तक रेल यातायात बाधित रहा। इसके कारण देहरादून हरिद्वार रूट पर कई ट्रेनें लेट हो गईं। सूचना पर राजाजी टाइगर रिजर्व और जीआरपी की टीमें मौके पर पहुंचीं। वनकर्मियों ने हाथी के बच्चे के शव को ट्रैक से हटवाया और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू करवाई। बताया जा रहा है कि चालक ने हाथियों के झुंड को देखकर इमरजेंसी ब्रेक लगाया, लेकिन दूरी कम होने के कारण हादसा नहीं टल सका। प्राथमिक जांच में सामने आया है कि धुंध के कारण घटना हुई है. धुंध अधिक होने के कारण हाथियों का झुंड दूर से नहीं दिख पाया था। पास आते ही इमरजेंसी ब्रेक लगाई, लेकिन शिशु हाथी रेलवे ट्रेक नहीं पार कर पाया। जबकि साथ में मौजूद चार अन्य हाथी रेलवे ट्रेक पार कर चुके थे।
प्राथमिक जांच में सामने आया है कि हादसे से पहले ट्रेन की स्पीड निर्धारित स्पीड से ज्यादा थी। लापरवाही सामने आने पर राजाजी टाइगर रिजर्व प्रशासन की ओर से लोको पायलट खुशी राम मौर्य और सहायक लोको पायलट दीपक कुमार के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। मोतीचूर रेंज अधिकारी महेश सेमवाल ने बताया कि वन्य जीव संरक्षण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
