उत्तराखंड (नैनीताल) 30 अगस्त 2025: हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति जी नरेंद्र व न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ ने समक्ष मुस्लिम युवती ने कहा कि उसे हिंदू धर्म पसंद है। वह बालिग भी है और वह अपने क्षेत्र में रहने वाले हिंदू युवक से शादी करना चाहती है। लेकिन उसके घरवाले सहमत नहीं हैं और विरोध कर रहे हैं। इस पर खंडपीठ ने युवक-युवती व उसके स्वजन को सुरक्षा मुहैया कराने के निर्देश सितारगंज थाना पुलिस को दिए हैं।
शुक्रवार को हाई कोर्ट पहुंची मुस्लिम युवती ने सुरक्षा को लेकर दायर याचिका में कहा कि वह जिस हिंदू युवक से शादी करना चाहती है। जब शादी बात की तो मेरे घरवाले सहमत नहीं हुए। साथ ही शादी का विरोध कर रहे हैं। लिहाजा मेरी, मेरे होने वाले पति व उसके परिवार को सुरक्षा दिलाई जाय। खंडपीठ ने सुनवाई के दौरान पेश युवती से पूछा कि आपका होने वाला पति क्या करता है। उसने बताया कि कि डीजे व ड्राइविंग का कार्य करते है। इस पर कोर्ट ने पूछा कि डीजे क्या होता है। के युवती इसे स्पष्ट नहीं कर पाई। जिस पर कोर्ट ने कहा कि आपका भविष्य उज्ज्वल है। आपको पता ही नहीं कि आपका होने वाला पति क्या करता है। इसके बाद कोर्ट ने सुरक्षा मुहैया कराने के निर्देश सितारगंज थाना पुलिस को दिए हैं।
