उत्तराखंड (देहरादून) 22 जुलाई 2025: कांग्रेस की मुख्य प्रवक्ता गरिमा मेहरा दसौनी ने कहा है कि प्रदेश में धर्मांतरण के मामलों में चार गुना वृद्धि प्रदेश सरकार की निष्क्रियता का नतीजा है। उन्होंने कहा कि धामी सरकार में जबरन उत्तराखंड में जबरन धर्मातरण के मामलों में बीते ढाई वर्षों में चौंकाने वाली बढ़ोतरी हुई है।
2020 से 2022 तक जहां केवल 11 मामले दर्ज हुए, वहीं 2023 से जुलाई 2025 तक के ढाई साल में यह संख्या बढ़कर 42 हो गई यानी चार गुना से भी अधिक। यह स्थिति अपने आप में राज्य की कानून व्यवस्था और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के प्रशासन की नाकामी को उजागर करती है। दसौनी ने कहा कि जब राज्य सरकार की नाक के नीचे धर्मातरण के मामले चार गुना तक बढ़ जाते हैं, तो यह इस बात का संकेत है कि अपराधियों और कट्टरपंथी ताकतों को न धामी सरकार का डर है और न ही कानूनों का। उन्होंने कहा कि आंकड़े इस बात का सबूत हैं कि कड़ा कानून लाने के बावजूद सरकार उसे लागू करने में पूरी तरह असफल रही है। दसौनी के अनुसार देहरादून जैसे संवेदनशील जिलों में 18 से अधिक मामले दर्ज होना यह दर्शाता है कि यह सिर्फ कानून का उल्लंघन नहीं, बल्कि प्रशासनिक ढीलेपन और राजनीतिक संरक्षण का भी मामला है।
गरिमा ने कटाक्ष किया कि क्या कानून सिर्फ दिखावे के लिए बनाए गए थे। क्या यह सरकार अपराधियों को फ्री पास दे रही है। जनता यह जानना चाहती है कि जब आप हर मंच से मात्र सांप्रदायिक बातें करते हैं, तो वास्तव में आपके शासन में धर्मातरण जैसे गंभीर अपराध कैसे बेलगाम हो गए हैं।
