उत्तराखंड (चकराता) 9 जुलाई 2025: दिल्ली- यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग सोमवार को लगातार तीसरे दिन भी बंद रहा। बौसान के पास पहाड़ी से मलबा आने के कारण मार्ग पर आवाजाही ठप रही।
शनिवार को मार्ग बंद होने के बाद रविवार सुबह 11 बजे के करीब यातायात बहाल कर दिया गया था, लेकिन एक घंटे बाद दुबारा पहाड़ी से मलबा और बोल्डर आने से यातायात अवरुद्ध हो गया, जिसके बाद से अभी तक यातायात बहाल नहीं हो पाया है। मार्ग के बंद होने से सबसे अधिक नुकसान किसानों को हो रहा है, जिनकी नगदी फसलें बाजार तक नहीं पहुंच पा रही है। बरसात शुरु होते ही जौनसार-बावर के मुख्य मार्गों से समेत ग्रामीण संपर्क मार्गों के बंद होने का सिलसिला भी शुरु हो जाता है। इस बार अभी तक आठ ग्रामीण संपर्क मार्गों समेत जौनसार-बावर की लाइफ लाइन कहे जाने वाले कालसी-चकराता मोटर मार्ग और कालसी से गुजरने वाले दिल्ली-यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर मलबा आने से कई बार यातायात अवरुद्ध हो चुका है। मार्ग बंद होने से किसानों की उपज समय पर मंडी तक नहीं पहुंचती है, जिस कारण उन्हें नुकसान झेलना पड़ता है।
