उत्तराखंड योग और अध्यात्म जैसी भारतीय परंपराओं का है प्रमुख केंद्र
उत्तराखंड (देहरादून) 22 जून 2025: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने योग को पूरी दुनिया के लिए फलदाई बताया। उन्होंने योग की महत्ता बताते हुए कहा कि भारत के प्रयास से पूरी दुनिया में इसे स्थापित किया गया है। संयुक्त राष्ट्र महासभा ने इसे योग दिवस के रूप में अपनाया।
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर दून स्थित पुलिस लाइन में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि उत्तराखंड का क्षेत्र योग और अध्यात्म जैसी भारतीय परम्पराओं का प्रमुख केंद्र रहा है। यह खुशी की बात है सब यहां पूरे उत्साह के साथ योगाभ्यास किया जा रहा है।
प्रस्ताव असाधारण समर्थन के साथ पारित किया था। अपने संकल्प में संयुक्त राष्ट्र महासभा ने यह स्पष्ट किया था कि योगाभ्यास पूरे विश्व की जनसंख्या के स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होगा। कहा कि योग पूरी मानवता की साझा धरोहर बन चुका है। यह भारत की ‘साफ्ट पावर’ का एक अत्यंत महत्वपूर्ण उदाहरण है।
योग की अंतरराष्ट्रीय लोकप्रियता के अनेक प्रभावशाली उदाहरण हैं। इस वर्ष अप्रैल में कुवैत की शेखा शैखा अली जाबर अल-सबाह को पद्मश्री से सम्मानित किया गया। वह एक योग अभ्यासी हैं जो
अपने प्रयासों से संस्कृतियों और लोगों को जोड़ने का काम कर रही है। राज्यपाल ले. जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) ने 11 वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर प्रदावासियों को शुभकामनाएं देते हुए योग के महत्व पर प्रकार डाला। राज्यपाल ने कहा कि योग भारत की प्राचीनतम सांस्कृतिक और आध्यात्मिक परंपरा का हिस्सा है, जिसने संपूर्ण विव को जोड़ने का कार्य किया है। प्रसन्नता की बात है कि आज यह दिवस न केवल भारत के लिए अपितु संपूर्ण विव के लिए स्वास्थ्य, शांति और समरसता का प्रतीक बन चुका है।
